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बंगाल चुनाव पर कोरोना का साया : चुनाव आयोग ने कहा- मतदान के चरणों में नहीं होगा कोई बदलाव

Thu, 15 Apr 2021 05:18 PM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

  • कोरोना के मामलों में बेतहाशा वृद्धि और रोजाना हजारों मौत के बाद चुनावी रैलियों पर भी सवाल उठने लगे हैं
  • चुनाव आयोग ने मतदान के बचे चरणों को एक ही चरण में करवाने की योजना को नकार दिया है
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चुनाव आयोग - फोटो : social media
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विस्तार
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देश में कोरोना के मामलों में बेतहाशा वृद्धि और रोजाना हजारों मौत के बाद पश्चिम बंगाल में होने वाले चुनावी रैलियों पर भी सवाल उठने लगे हैं। कई लोगों द्वारा लगातार सवाल उठाए जाने के बाद चुनाव आयोग ने 16 अप्रैल को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। वहीं बैठक से पहले अफवाहों का दौर भी शुरू हो गया है। दरअसल मीडिया में ये बात सामने आ रही है कि मतदान के बचे हुए चरणों को एक ही चरण में करवाने की योजना चल रही है लेकिन अब चुनाव आयोग ने इस अफवाह को सिरे से नकार दिया है। चुनाव आयोग ने कहा कि ऐसी कोई योजना नहीं है। 

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शुक्रवार को चुनाव आयोग ने बुलाई सर्वदलीय बैठक
पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) आरिज आफताब ने 16 अप्रैल को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। इससे पहले कलकत्ता उच्च न्यायालय ने सीईओ और राज्य में सभी जिलाधिकारियों को चुनाव के बाकी चार चरणों में प्रचार के दौरान कोविड-19 के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था।




निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि राज्य में सभी राजनीतिक दलों से बैठक के लिए केवल एक प्रतिनिधि भेजने को कहा गया है। बैठक में बाकी चार चरणों के लिए चुनाव प्रचार से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि सामाजिक दूरी और कोविड-19 से जुड़े विभिन्न नियमों के पालन को लेकर चर्चा की जाएगी। अधिकारी ने कहा कि राज्य के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) जग मोहन और राज्य के स्वास्थ्य सचिव एन एस निगम भी बैठक में मौजूद रहेंगे।
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कलकत्ता उच्च न्यायालय ने मंगलवार को निर्देश दिया था कि कोरोना वायरस के मामलों में बढ़ोतरी के मद्देनजर विधानसभा चुनाव के लिए राजनीतिक दलों के प्रचार के संबंध में स्वास्थ्य संबंधी सभी निर्देशों का कड़ाई से पालन होना चाहिए।

मुख्य न्यायाधीश टी बी एन राधाकृष्णन की पीठ ने दो जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सभी जिलाधिकारियों को आदेश दिया था कि वे निर्वाचन आयोग और मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा जारी निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें।

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