विपक्षी दलों के प्रदर्शन और चुनाव आयुक्तों से मुलाकात की मांग के बीच निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को कहा कि उसे किसी भी राजनीतिक दल की ओर से बैठक के लिए कोई अनुरोध नहीं मिला है।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं ने मंगलवार को चुनाव आयोग के कार्यालय के पास प्रदर्शन किया। विपक्षी दलों का कहना था कि वे चुनाव आयुक्तों से मुलाकात करना चाहते हैं। इंडिया गुट का प्रदर्शन अब भी जारी है।
राहुल गांधी की मांग पर चुनाव आयोग ने दिया जवाब
निर्वाचन आयोग के अधिकारियों से जब पूछा गया कि क्या राहुल गांधी समेत विपक्षी गठबंधन के नेताओं ने मंगलवार को आयोग से मुलाकात का अनुरोध किया था, तो अधिकारियों ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल की ओर से बैठक के लिए कोई अनुरोध प्राप्त नहीं हुआ।
इससे पहले संसद मार्ग से निर्वाचन आयोग मुख्यालय की ओर विपक्षी गठबंधन के मार्च के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कुछ अन्य नेता आकाशवाणी भवन परिसर में प्रवेश कर गए। उनका उद्देश्य निर्वाचन आयोग के कार्यालय तक पहुंचना था।
बैरिकेड पर चढ़कर राहुल गांधी ने लहराया तिरंगा
प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी सबसे आगे नजर आए। पुलिस ने संसद मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी। एक समय राहुल गांधी लोहे के बैरिकेड पर चढ़ गए और वहां खड़े होकर तिरंगा लहराया। इसके बाद वह पुलिस घेराबंदी से निकलकर आकाशवाणी के परिसर में पहुंच गए। सूर्यास्त से कुछ समय पहले तक वह परिसर में ही मौजूद रहे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को निर्वाचन आयोग के कार्यालय तक पहुंचने से रोकने के लिए सुरक्षा घेरा बनाए रखा।
प्रदर्शन के दौरान समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव और तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी तथा डेरेक ओ ब्रायन समेत कई विपक्षी नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। इससे पहले संसद मार्ग पर आकाशवाणी भवन और नीति आयोग कार्यालय के सामने सुरक्षा कर्मियों ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य सांसदों को रोक दिया था। विपक्षी नेता मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर निर्वाचन आयोग की ओर मार्च कर रहे थे।
एसआईआर पर विवाद के बीच इंडिया गुट का प्रदर्शन
यह प्रदर्शन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों की ओर से किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों की श्रृंखला का नया हिस्सा है। विपक्षी दलों की गतिविधियां 25 सितंबर को प्रकाशित एक रिपोर्ट के बाद तेज हुईं। उस रिपोर्ट में विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और निर्वाचन आयुक्तों के बीच मतभेद का दावा किया गया था।
विपक्षी दल मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़े मुद्दों पर चुनाव आयोग के सामने अपनी बात रखना चाहते हैं। मंगलवार को प्रदर्शनकारियों को आयोग के कार्यालय तक पहुंचने से पुलिस ने रोक दिया।