फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ईडी की कार्रवाई: 336 करोड़ की जमीन जब्त, फंड लॉन्च कर जुटाए थे ₹2434 करोड़, सेबी ने दिया था बंद करने का आदेश

Tue, 06 Oct 2026 07:17 PM IST
शिवम गर्ग डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

ईडी ने जय कॉर्प लिमिटेड और अन्य के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अलीबाग की 88.47 एकड़ जमीन जब्त की है। जमीन की मौजूदा कीमत 336 करोड़ रुपये बताई गई है।
विज्ञापन
ED , ईडी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), मुंबई जोनल ऑफिस-II ने 'प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002' के तहत जय कॉर्प लिमिटेड और अन्य के खिलाफ मामले में अलीबाग में मौजूद 88.47 एकड़ जमीन को अस्थायी रूप से जब्त किया है। इस जमीन की मौजूदा कीमत 336 करोड़ रुपये बताई गई है। आरोप है कि कंपनी ने फंड लांच कर 2434 करोड़ रुपये जुटाए थे। बाद में वित्तीय अनियमितताओं के चलते सेबी ने फंड को बंद करने का आदेश जारी किया था।  

विज्ञापन


ईडी की जांच पीएमएलए के तहत शुरू की गई थी। यह जांच सीबीआई की 'आर्थिक अपराध शाखा' मुंबई द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर की गई, जो मुंबई हाईकोर्ट के 31.01.2025 के आदेश के बाद दर्ज हुई थी। यह मामला जय कॉर्प लिमिटेड, अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर वेंचर कैपिटल लिमिटेड, अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रस्टीज लिमिटेड और अन्य के खिलाफ वित्तीय अनियमितताओं, फंड के गलत इस्तेमाल और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों से जुड़ा था। 

2006-07 में लॉन्च किया था 2434 करोड़ का फंड
ईडी की जांच से पता चला कि साल 2006-07 में, जय कॉर्प लिमिटेड ने 'अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर वेंचर कैपिटल फंड' (फंड) लॉन्च किया और बड़ी संख्या में निवेशकों (जिनमें पब्लिक सेक्टर बैंक और अन्य पब्लिक सेक्टर वित्तीय संस्थान शामिल थे) से ₹2434 करोड़ जुटाए। इस तरह जुटाई गई रकम को भारत भर में कई रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स को पूरा करने के लिए कई एसपीवी में निवेश किया गया था। ईडी की जांच में यह भी सामने आया कि सेबी की मंजूरी लिए बिना, फंड की अवधि को गैर-कानूनी तरीके से तय सीमा से आगे बढ़ाया गया था। 
विज्ञापन


सेबी ने फंड बंद करने का दिया था आदेश
नतीजतन, सेबी ने फंड को बंद करने का आदेश दिया और निर्देश दिया कि एसपीवी (विशेष प्रयोजन वाहन) में निवेश किए गए फंड की एसेट्स का मूल्यांकन किसी स्वतंत्र वैल्यूअर से कराकर निवेशकों को एग्जिट (बाहर निकलने का मौका) दिया जाए। यूआईवीसीएफ के मैनेजमेंट की मिलीभगत से एसपीवी में फंड के हिस्से की सही कीमत को धोखाधड़ी करके ₹269.20 करोड़ की कम कीमत पर आंका गया था। इसके आधार पर, निवेशकों को फंड से बहुत कम कीमत पर बाहर निकलने का मौका दिया गया। 

पांच कंपनियों ने कम कीमत पर खरीदी यूनिट्स
जांच में यह भी पता चला है कि फंड की बची हुई यूनिट्स को 'जय कॉर्प लिमिटेड' के प्रमोटरों से जुड़ी 5 कंपनियों ने बहुत कम कीमत पर खरीदा था। ऐसे कई एसपीवी में से एक एसपीवी नीलकंठ टाउनशिप एंड कंस्ट्रक्शन्स प्राइवेट लिमिटेड' है, जिसमें यूआईवीसीएफ ने ₹51 करोड़ का निवेश किया था। इस पैसे का इस्तेमाल अलीबाग में जमीन का टुकड़ा खरीदने के लिए किया गया था। ईडी की जांच से पता चला है कि इस एसपीवी में फंड के हिस्से की सही बाजार कीमत को काफी कम दिखाया गया था। 

उक्त 5 कंपनियों ने इसे कम कीमत पर खरीदा था। इस धोखाधड़ी के कारण ₹230 करोड़ की अवैध कमाई हुई। इसके चलते, 31.10.2022 को एसपीवी की ₹230 करोड़ कीमत की अचल संपत्तियों को जब्त करने का प्रोविज़नल अटैचमेंट ऑर्डर जारी किया गया। इन संपत्तियों की मौजूदा बाज़ार कीमत ₹336 करोड़ है। इससे पहले इस मामले में तलाशी अभियान चलाया गया था, जिसमें लगभग ₹1.86 करोड़ नकद ज़ब्त किए गए। ₹99.47 करोड़ मूल्य वाले डीमैट खातों/म्यूचुअल फंड में मौजूद बैलेंस को फ्रीज़ किया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें