लोकसभा चुनाव की तारीखों को लेकर लग रहे कयासों के बीच आयोग का उत्तर प्रदेश दौरा 29 फरवरी से 2 मार्च तक चलेगा। इस दौरान आयोग राज्य में चुनावी तैयारियों के साथ प्रशासनिक तैयारियों और मौजूदा हालात का जायजा लेगा। पिछली बार 11 मार्च को 7 चरणों में लोकसभा चुनावों की घोषणा हुई थी।
निर्वाचन आयोग ने राज्यों से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि जिन अधिकारियों का किसी जिले से तबादला चुनाव के पहले उसकी नीति के तहत किया जाता है उनकी नियुक्ति उसी संसदीय क्षेत्र में किसी जिले में नहीं हो। चुनाव से पहले अधिकारियों को स्थानांतरित करने की अपनी नीति में बदलाव करके निर्वाचन आयोग ने उन खामियों को दूर करने की कोशिश की है, जिनका राज्य सरकारों की ओर से कथित तौर पर फायदा उठाया जा रहा था। यह कदम आयोग की ओर से उन मामलों पर गंभीरता से ध्यान देने के बाद उठाया गया है, जिनमें राज्य सरकारों की ओर से अधिकारियों को उसी संसदीय क्षेत्र के निकटवर्ती जिलों में स्थानांतरित किया गया था। मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार की अगुवाई में निर्वाचन आयोग ने राज्यों से कहा है कि नीति का पूरी तरह पालन किया जाना चाहिए सिर्फ अनुपालन का दिखावा भर नहीं होना चाहिए।
यूपी में आयोग का दौरा 29 से 2 मार्च तक
मतदाताओं को चुनावी वादों की व्यावहारिकता के बारे में जानने का अधिकार : राजीव कुमार
प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसपर किए गए सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा, प्रवर्तन निदेशालय को सतर्क रहने और नकदी और मुफ्त वस्तुओं के वितरण पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन (एनपीसीआई) को भी ऑनलाइन लेनदेन पर नजर रखने को कहा गया है। फेक न्यूज के सवाल पर कुमार ने कहा, आज फेक न्यूज ऐसे चल रही जैसे कि आज आपने बताया कि चुनाव की तारीखों की घोषणा हो चुकी है। हालांकि, इस खबर को आधे घंटे के भीतर ही फेक न्यूज बता दिया गया है।
ज्यादातर राजनीतिक दलों ने एक चरण में चुनाव की मांग की