चुनाव आयोग ने कहा है कि दिल्ली विधानसभा में पेश किया गया ईवीएम का नमूना चुनाव में इस्तेमाल की गई इलोक्ट्रेनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) नहीं था। आयोग ने आम आदमी पार्टी के ईवीएम से छेड़छाड़ के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनकी ईवीएम से छेड़छाड़ संभव नहीं है। आयोग के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि चुनाव आयोग के सुरक्षा जोन से बाहर किसी ईवीएम को आयोग की ईवीएम नहीं माना जा सकता।
चुनाव आयोग 12 मई की सर्वदलीय बैठक में ईवीएम चैलेंज की तारीख बताएगा। ईवीएम चैलेंज में राजनीतिक दलों को ईवीएम से छेड़छाड़ साबित करने का मौका दिया जाएगा। चुनाव आयोग के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि आम आदमी पार्टी को ईवीएम चैलेंज कार्यक्रम में अपने प्रतिनिधि को ईवीएम से छेड़छाड़ साबित करने के लिए भेजना चाहिए।
आयोग के सूत्रों ने बताया कि ईवीएम की चिप को हैक करना असंभव है। ईवीएम 24 घंटे पूरी सुरक्षा में रहती है और एक साथ लाखों पोलिंग बूथों में ईवीएम से छेड़छाड़ करना संभव नहीं है। आम आदमी पार्टी की ओर से पेश ईवीएम का नमूना चुनाव आयोग की ईवीएम से कोई लेना देना नहीं है।
वहीं पूर्व चुनाव आयुक्त नवीन चावला ने कहा कि सवाल उठता है कि आम आदमी पार्टी ने जिस मशीन से डेमो दिया है, आखिर वह किसकी ईवीएम है ? क्या यह चुनाव आयोग की ईवीएम है? चुनाव आयोग की ईवीएम में इस तरह की छेड़छाड़ संभव नहीं है। ये ईवीएम दो महत्वपूर्ण सार्वजनिक निकाय की कंपनियां बनाती हैं और इसमें छेड़छाड़ नहीं की जा सकती।