लोकसभा चुनाव के सात चरणों के मतदान के बाद चार जून यानी कल मतगणना होगी। इससे पहले चुनाव आयोग ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान निर्वाचन आयोग ने लोकसभा चुनाव 2024 में भाग लेने वाले सभी मतदाताओं का खड़े होकर अभिनंदन किया। मीडिया को संबोधित करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने माना कि सोमवार और शुक्रवार को मतदान नहीं कराया जाना चाहिए, क्योंकि इन दिनों के बीचच काफी लंबा अंतर हो जाता है।
निर्वाचन आयुक्तों को सोशल मीडिया पर कुछ मीम में ‘लापता जेंटलमैन’ नाम दिए जाने के संदर्भ में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि हम हमेशा यहीं थे, कभी नदारद नहीं रहे। उन्होंने कहा कि अब मीम बनाने वाले कह सकते हैं कि ‘लापता जेंटलमैन’ वापस आ गए हैं।
चुनाव की प्रेस कॉन्फ्रेंस की अहम बातें
चुनाव खत्म होने पर प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई गई
यह शायद पहली बार है, जब आयोग ने चुनाव खत्म होने पर प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई है। 19 अप्रैल को शुरू हुए सात चरणों का चुनाव एक जून को खत्म हुआ। 2019 के संसदीय चुनावों तक उप चुनाव आयुक्त प्रत्येक चरण के मतदान के बाद मीडिया ब्रीफिंग करते थे, लेकिन उसके बाद यह प्रथा खत्म कर दी गई थी।
इससे पहले रविवार को चुनाव आयोग ने कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश से उनके आरोपों पर तथ्यात्मक जानकारी और विवरण मांगा था। रमेश ने अपने एक एक्स पोस्ट में आरोप लगाया था कि मतगणना से कुछ दिन पहले केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा 150 जिला अधिकारियों को फोन कॉल किए गए थे। आयोग ने आगे की जरूरी कार्रवाई के लिए रमेश से 2 जून की शाम तक जवाब मांगा था।
सात चरणों की मतदान प्रक्रिया शनिवार को समाप्त हुई
लोकसभा चुनाव के लिए 19 अप्रैल को शुरू हुई सात चरणों की मतदान प्रक्रिया शनिवार को समाप्त हो गई। मतदान संपन्न होने के साथ ही तमाम एजेंसियों ने एग्जिट पोल सामने आ गए हैं। सभी सर्वेक्षण में भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को प्रचंड बहुमत मिलने का अनुमान जताया गया है। इनमें सत्तारूढ़ गठबंधन राजग के तमिलनाडु और केरल में अपना खाता खोलने का अनुमान है। इसके साथ ही कर्नाटक में एकतरफा जीत हासिल करने का अनुमान जताया गया है। दो सर्वेक्षणों ने भाजपा को 2019 के लोकसभा चुनाव में जीती 303 सीटों से अपनी संख्य़ा में सुधार की भविष्यवाणी की है। अगर एग्जिट पोल सही साबित होते हैं तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के बाद लोकसभा चुनाव में लगातारक तीन बार जीत हासिल करने वाले एकमात्र प्रधानमंत्री बन सकते हैं।