चुनाव आयुक्त ने कहा, चुनाव शुरू होने से पहले लंबी-लंबी चिट्ठियां आती हैं कि ईवीएम मशीनें खराब हैं, इन्हें बदल दीजिए। फिर वही ईवीएम मशीन उस पार्टी को जिता देती है तो सवाल उठना बंद हो जाते हैं।
गुजरात चुनाव के एलान से पहले कांग्रेस द्वारा आयोग की निष्पक्षता को लेकर कसे गए तंज पर निर्वाचन आयोग ने जवाब दिया है। प्रेसवार्ता के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा, चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करने वाली पार्टियां जब जीत जाती हैं, तब उन्हें लगता है कि उन्हें सवाल नहीं उठाने चाहिए थे। उन्होंने कहा, हम कहने से ज्यादा करने में विश्वास रखते हैं।
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राजीव कुमार ने कहा, हमारे पास सबूत हैं कि चुनाव शुरू होने से पहले लंबी-लंबी चिट्ठियां आती हैं कि ईवीएम मशीनें खराब हैं, इन्हें बदल दीजिए। फिर वही ईवीएम मशीन उस पार्टी को जिता देती है तो सवाल उठना बंद हो जाते हैं। उन्होंने कहा, चुनाव आयोग की निष्पक्षता एक विरासत है, जिस पर हमें गर्व है। उन्होंने कहा, हमारे लिए जरूरी है कि जो भी परिणाम आ रहे हैं, वह सही हैं या नहीं। अगर आप परिणामों पर सवाल खड़े करते हैं तो यह भारतीय मतदाताओं को बड़ा अपमान है।
देरी से चुनाव के एलान पर दिया मजेदार जवाब
चुनाव आयोग के प्रमुख राजीव कुमार से जब पूछा गया कि गुजरात चुनाव के लिए मतदान की तारीखों का एलान हिमाचल प्रदेश के साथ क्यों नहीं किया गया, तो उन्होंने इसका मजेदार जवाब दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह एक सवाल यह भी हो सकता है कि मार्च-अप्रैल में जो चुनाव होने हैं, उनकी तारीखों का एलान हिमाचल के साथ क्यों नहीं किया गया।
कांग्रेस ने कसा था तंज
दरअसल, कांग्रेस पार्टी की ओर से आज सुबह एक ट्वीट के माध्यम से चुनाव आयोग पर तंज कसा गया था। पार्टी की ओर से ट्वीट कर कहा गया था कि भारत निर्वाचन आयोग एक स्वायत्त संस्था है। ये निष्पक्ष चुनाव कराता है।