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ये कैसी सख्ती: चुनाव आयोग को चार राज्यों के चुनाव बीतने पर कोरोना गाइडलाइंस की आई याद

Sat, 10 Apr 2021 01:53 AM IST
Jeet Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • चुनाव आयोग ने साफ किया है, अगर कोरोना गाइडलाइंस का पालन नहीं होता है तो सार्वजनिक बैठकों, रैलियों आदि पर प्रतिबंध लगाने में संकोच नहीं करेगा
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Election commission - फोटो : social media
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विस्तार
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चार राज्यों में विधानसभा चुनाव का मतदान खत्म होने और पश्चिम बंगाल के आठ में से चार चरण पूरे होने के बाद भारतीय निर्वाचन आयोग को जनसभाओं में कोरोना गाइडलाइंस की धज्जियां उड़ने की सुध आई है। आयोग ने शुक्रवार को सभी राजनीतिक दलों के अध्यक्ष व महासचिवों को पत्र लिखकर पिछले साल अगस्त में अपनी तरफ से जारी की गई कोरोना गाइडलाइंस की याद दिलाई और इसके निर्देशों की अनदेखी करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी।

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आयोग ने कहा कि सभी राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को जनसभाओं आदि के आयोजन के दौरान आने वाले लोगों के फेस मास्क पहनने, सेनिटाइजर का इस्तेमाल करने, थर्मल स्कैनिंग की व्यवस्था करने आदि निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराना होगा। इन निर्देशों का पालन नहीं किए जाने की स्थिति में आयोग उनके खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 51 से 60 तक दिए प्रावधानों और आईपीसी की धारा 188 के तहत कार्रवाई करेगा। आयोग ने कहा कि ये गाइडलाइंस पिछले साल बिहार विधानसभा चुनावों और उसके बाद कराए गए विभिन्न उपचुनावों में भी लागू की गई थीं।

आयोग ने कहा कि 26 फरवरी को चार राज्यों व एक केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा चुनावों की घोषणा करते समय भी सभी राजनीतिक दलों को पत्र लिखकर इन गाइडलाइंस की जानकारी दी गई थी। लेकिन हालिया दिनों में चुनावी बैठकों, रैलियों आदि में इन गाइडलाइंस की जमकर धज्जियां उड़ाई गई हैं। यहां तक कि स्टार प्रचारक भी कोविड प्रोटोकॉल का पालन नहीं कर रहे हैं। आयोग ने आगे कहा है कि वह इस लापरवाही को लेकर बेहद गंभीर है और यदि हालात नहीं सुधरे तो चुनाव के बाकी चरणों में ऐसे स्टार प्रचारकों, नेताओं और प्रत्याशियों की सभी तरह की रैलियों, जनसभाओं और बैठकों पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा।
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आयोग द्वारा जारी पत्र में स्टार प्रचारकों और नेताओं या उम्मीदवारों द्वारा कोविड-19 के नियमों का पालन नहीं किए जाने का उल्लेख किया गया है। यहां तक कि प्रचार के दौरान या मंच पर भी मास्क पहनने के नियमों का पालन नहीं हुआ।

पत्र में कहा गया कि ऐसा कर राजनीतिक दलों के नेताओं और उम्मीदवारों के साथ ऐसी चुनावी सभा में बड़ी संख्या में हिस्सा लेने वाले लोगों के भी संक्रमित होने का खतरा है।


बिना मास्क चुनाव प्रचार पर हाईकोर्ट ने आयोग और केंद्र को भेजा नोटिस
देश में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने चुनाव प्रचार के दौरान मास्क पहनना सुनिश्चित करने के अनुरोध संबंधी याचिका पर सुनवाई करते हुए चुनाव आयोग और केंद्र को नोटिस भेजा था।

अदालत ने इस मामले में अगली सुनवाई 30 अप्रैल को तय की थी, जब वह सिंह की मुख्य याचिका पर भी सुनवाई करेगी। मुख्य याचिका में सिंह ने ऐसे प्रचारकों एवं प्रत्याशियों को विधानसभा चुनावों में प्रचार से रोकने का अनुरोध किया था जो कोविड-19 वैश्विक महामारी के मद्देनजर चुनाव आयोग द्वारा जारी आवश्यक दिशा-निर्देशों का बार-बार उल्लंघन कर रहे हैं।

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