फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ECI: बिहार में चुनाव से पहले वोटर लिस्ट की होगी खास जांच, निर्वाचन आयोग ने दिए विशेष पुनरीक्षण के निर्देश

Tue, 24 Jun 2025 07:32 PM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले भारत निर्वाचन आयोग ने अपनी तैयारी तेज कर दी है। इसके तहत चुनाव आयोग ने मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण कराने के निर्देश दिए हैं। इसका मकसद वोटर लिस्ट में कई अहम सुधार करना है।

विज्ञापन
चुनाव आयोग - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बिहार में इसी साल विधानसभा के चुनाव होने है। इसके लिए राज्य में सियासी गर्माहट अपने चरम पर है। कारण है कि सभी राजनीतिक पार्टियों ने अपनी-अपनी तैयारी पहले से अधिक तेज कर दी है। इसी बीच भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने मंगलवार को बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कराने के निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने इस प्रक्रिया के लिए तय दिशा-निर्देशों और कार्यक्रम के अनुसार काम करने को कहा है।

बिहार विधानसभा से पहले निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कराने के निर्देश दिया है। इसका मुख्य कारण है कि चुनाव से पहले मतदाता सूची साफ-सुथरी और सही हो। इसमें सभी योग्य नागरिकों के नाम शामिल किए जाएंगे और अपात्र लोगों के नाम हटाए जाएंगे। यह कदम इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।

विज्ञापन


ये भी पढ़ें:- MEA: विदेश मंत्रालय बोला- भारत ने ईरान-इस्राइल युद्धविराम का किया स्वागत, अमेरिका-कतर की भूमिका की सराहना की

पुनरीक्षण क्यों जरूरी है?
वहीं मतदाता सूची के पुनरीक्षण के इस निर्देश को लेकर आयोग ने कहा कि तेजी से बढ़ती शहरीकरण, प्रवासन, युवा मतदाता बनने, मौत की सूचनाएं न मिलने और विदेशी अवैध प्रवासियों के नाम जुड़ने जैसे कारणों से यह पुनरीक्षण जरूरी हो गया है। इस प्रक्रिया में बूथ स्तर के अधिकारी घर-घर जाकर नामों की जांच करेंगे। इसके साथ ही आयोग ने कहा कि इस काम में चुनाव आयोग संविधान और कानून के नियमों का पूरी तरह पालन करेगा, ताकि केवल पात्र मतदाता ही वोटर सूची में शामिल हों। 
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें:- 'आपातकाल के 50 साल': 'मेरे गांव से जेल गए थे 184 लोग, मरने तक नहीं भूलूंगा वो दृश्य', केंद्रीय गृहमंत्री बोले

2003 के बाद हो रहा गहन पुनरीक्षण
गौरतलब है कि बिहार में आखिरी बार ऐसा गहन पुनरीक्षण वर्ष 2003 में किया गया था। अब लगभग दो दशक बाद फिर से यह अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए निर्वाचन आयोग का मानना है कि इससे राज्य में स्वच्छ और सटीक वोटर लिस्ट तैयार होगी, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया मजबूत होगी और हर योग्य नागरिक को मतदान का अधिकार मिलेगा।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें