लोकसभा चुनाव के लिए शंखनाद हो चुका है। ऐसे में यदि कोई चुनाव लड़ना चाहता है तो उसके लिए चुनाव आयोग ने कुछ आवश्यक मानदंड बनाए हैं। जिन्हें पूरा करने के बाद ही आप चुनावी दंगल में उतर सकते हैं। यह नियम हैं- प्रत्याशी की उम्र कम-से-कम 25 साल होनी चाहिए और उसका एक पंजीकृत मतदाता होना जरूरी है।
इसके अलावा उसे एक निश्चित जमानत राशि जमा करवानी होती है। केवल वह प्रत्याशी जिसे चुनाव में कुल मतों का छठवां हिस्सा प्राप्त होता है उसे जमानत राशि वापस मिल जाती है। इसके अलावा बाकी के प्रत्याशी न केवल चुनाव हारते हैं बल्कि उनकी जमानत राशि भी चली जाती है।
चुनाव आयोग ने जमानत राशि इसलिए रखी है ताकि कम से कम लोग चुनाव में उतरें और इसे गंभीरता से लिया जाए। सामान्य वर्ग की तुलना में अनुसूचित जाति और जनजातियों के लिए जमानत राशि आधी होती है। यदि किसी उम्मीदवार को कुल वोटों का छठा हिस्सा या 16.67 फासदी मत नहीं मिलते हैं तो उसकी जमानत राशि जब्त हो जाती है।
1952 में तीन-चौथाई से अधिक उम्मीदवारों ने अपनी जमानत राशि गंवा दी थी। वहीं पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान चुनाव आयोग को 7,005 उम्मीदवारों की जमानत राशि जब्त करके 14.5 करोड़ रुपये मिले थे। पिछले लोकसभा चुनाव में 3,218 स्वतंत्र उम्मीदवारों की जमानत राशि जब्त हुई थी जिससे आयोग को 6.7 करोड़ रुपये मिले थे।
99.5 प्रतिशत निर्दलीय उम्मीदवारों को कुल वोट का छठा हिस्सा भी नहीं मिला। 2014 में अनुसूचित जाति के सबसे ज्यादा 90.5 प्रतिशत उम्मीदवारों की जमानत राशि जब्त हुई थी। वहीं अनुसूचित जनजाति और सामान्य श्रेणी में यह 83.5 और 80.5 फीसदी उम्मीदवारों की राशि जब्त हुई।
क्या होती है जमानत राशि
चुनाव में किसी भी उम्मीदवार को खड़ा होने के लिए नामांकन दाखिल करते समय एक निश्चित राशि को चुनाव आयोग के पास जमा करवाना पड़ता है। इसी राशि को जमानत राशि कहा जाता है। प्रत्याशियों की जब्त राशि चुनाव आयोग के खाते में जमा करवा दी जाती है।
बसपा की जब्त हुई सबसे ज्यादा जमानत राशि
यदि पार्टियों के आधार पर बात करें तो 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान सबसे ज्यादा बहुजन समाज पार्टी के उम्मीदवारों की जमानत राशि जब्त हुई थी। बसपा के 89.1 प्रतिशत, कांग्रेस के 38.4 प्रतिशत, तृणमूल कांग्रेस के 67.2 प्रतिशत, भाजपा के 14.5 प्रतिशत, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के 53.8 प्रतिशत और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के 36.1 उम्मीदवारों की जमानत राशि जब्त हुई थी।
लोकसभा चुनाव के लिए कितनी है जमानत राशि
लोकसभा चुनाव लड़ने वाले सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों को 25 हजार रुपये जमानत राशि के तौर पर जमा करवाने पड़ते हैं। वहीं अनुसूचित जाति और जनजाति के उम्मीदवारों को 12,500 रुपये देने होते हैं। 2009 से पहले यह राशि सामान्य वर्ग के दस हजार और अनुसूचित जाति और जनजाति के लिए पांच हजार हुआ करती थी।