हाल में संपन्न पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में कोविड प्रोटोकॉल को ठीक से लागू नहीं करवा पाने सहित अन्य आरोपों से घिरे निर्वाचन आयोग ने प्रक्रिया में और सुधार के लिए कोर कमेटी का गठन किया है।
यह कोर कमेटी चुनाव सुधार, आचार संहिता, चुनावी खर्चों और चुनावों में सूचना प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल जैसे विषयों पर अध्ययन करेगी। चुनाव आयोग के महासचिव की अध्यक्षता में कमेटी एक महीने में अपनी रिपोर्ट देगी।
दरअसल चुनाव प्रचार के दौरान निर्वाचन आयोग को कोविड-19 नियमों को लागू करने में नाकाम रहने के लिए काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था। इसके अलावा चुनावी हिंसा को रोक पाने में नाकाम रहने पर भी कोर्ट ने प्रतिकूल टिप्पणी की थी।
आयोग ने हालांकि इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि अपने सांविधानिक शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए उसने प्रचार अवधि को घटा कर कोरोना संक्रमण के प्रसार को रोका।
कोर कमेटी असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में चुनाव आयोग के शासन और राज्य प्रशासन से बेहतर तालमेल तालमेल में आ रही दिक्कतों का पता लगाएगी। इसके अलावा समिति चुनावी मशीनरी की सुरक्षा के लिए मौजूदा ढांचे में खामियों और चुनावी हिंसा आदि की घटनाओं को रोकने के लिए कारगर उपाय तलाशेगी।