फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चुनाव आयोग का नया नियम: फॉर्म-7 से नाम हटाने की मांग के लिए कितने आवेदन कर सकेंगे लोग, क्या अपडेट आया?

Fri, 09 Oct 2026 10:24 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

मतदाता सूची से नाम हटवाने के लिए बड़ी संख्या में आवेदन किए जाने की खबरों के बीच चुनाव आयोग ने फॉर्म-7 की संख्या सीमित कर दी है। दावे-आपत्तियों की अवधि में एक व्यक्ति अधिकतम 10 आवेदन कर सकेगा, जबकि नियमित अपडेट के दौरान हर महीने पांच आवेदन की सीमा होगी। आयोग ने यह कदम क्यों उठाया? क्या इससे बिना आधार वाली शिकायतें कम होंगी और मतदाताओं को राहत मिलेगी? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...
विज्ञापन
बड़ी संख्या में नाम हटाने के आवेदनों पर चुनाव आयोग सख्त - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मतदाता सूची से नाम हटवाने के लिए बड़ी संख्या में आवेदन किए जाने की खबरों के बीच चुनाव आयोग ने फॉर्म-7 की संख्या सीमित कर दी है। दावे-आपत्तियों की अवधि में एक व्यक्ति अधिकतम 10 आवेदन कर सकेगा, जबकि नियमित अपडेट के दौरान हर महीने पांच आवेदन की सीमा होगी। आयोग ने यह कदम क्यों उठाया? क्या इससे बिना आधार वाली शिकायतें कम होंगी और मतदाताओं को राहत मिलेगी? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...
विज्ञापन


मतदाता सूची से लोगों के नाम हटवाने के लिए बड़ी संख्या में आवेदन किए जाने की खबरों के बीच चुनाव आयोग ने नया कदम उठाया है। आयोग ने किसी व्यक्ति की ओर से मतदाता सूची में नाम शामिल किए जाने पर आपत्ति दर्ज कराने या नाम हटाने की मांग करने वाले आवेदनों की संख्या सीमित कर दी है। इस फैसले का मकसद बिना ठोस आधार के बड़ी संख्या में शिकायतें दर्ज कराने पर रोक लगाना है। इससे मतदाताओं को होने वाली परेशानी कम करने और चुनाव अधिकारियों के काम का बोझ घटाने में भी मदद मिलेगी।

अब एक व्यक्ति कितने आवेदन कर सकेगा?
  • चुनाव आयोग ने फॉर्म-7 के जरिए आपत्ति दर्ज कराने और नाम हटाने की मांग करने वाले आवेदनों की अधिकतम संख्या तय की है। नए नियम के तहत यह सीमा इस बात पर निर्भर करेगी कि मतदाता सूची में दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की प्रक्रिया चल रही है या सूची को लगातार अपडेट किया जा रहा है।
  • दावे और आपत्तियों की अवधि के दौरान कोई व्यक्ति पूरे समय में अधिकतम 10 फॉर्म-7 आवेदन जमा कर सकेगा। मतदाता सूची के नियमित अपडेट के दौरान एक व्यक्ति एक महीने में अधिकतम पांच आवेदन जमा कर सकेगा।
विज्ञापन

फॉर्म-7 का इस्तेमाल किस काम के लिए होता है?
फॉर्म-7 का इस्तेमाल मतदाता सूची में किसी नाम को शामिल किए जाने पर आपत्ति दर्ज कराने या सूची से नाम हटाने की मांग करने के लिए किया जाता है। चुनाव आयोग ने इसी फॉर्म से जुड़े आवेदनों की संख्या पर सीमा लगाई है। इसका मतलब है कि अब कोई व्यक्ति तय अवधि में असीमित आवेदन जमा नहीं कर सकेगा। आयोग के नए नियम के तहत दावे और आपत्तियों की अवधि में 10 आवेदन की सीमा पूरी अवधि के लिए होगी, जबकि लगातार अपडेट की प्रक्रिया में पांच आवेदन की सीमा हर महीने लागू होगी।

चुनाव आयोग ने यह कदम क्यों उठाया?
आयोग के मुताबिक, यह फैसला बिना ठोस आधार के बड़ी संख्या में आपत्तियां दाखिल करने को हतोत्साहित करने के लिए लिया गया है। बड़ी संख्या में ऐसे आवेदन आने से मतदाताओं को परेशानी हो सकती है और चुनाव अधिकारियों का काम भी बढ़ सकता है। आयोग का उद्देश्य ऐसी शिकायतों की संख्या कम करना है, जिनके पीछे पर्याप्त आधार नहीं है। साथ ही, इस कदम से अधिकारियों को आवेदनों की जांच और मतदाता सूची से जुड़े दूसरे कामों पर ध्यान देने में मदद मिलने की उम्मीद है।

नए नियम को लागू करने के लिए क्या निर्देश दिए गए हैं?
चुनाव आयोग ने नई व्यवस्था लागू करने के लिए सभी राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को पत्र लिखा है। आयोग ने उन्हें तय सीमा के अनुसार व्यवस्था लागू करने को कहा है। इस कदम से मतदाता सूची में नाम जोड़ने, नाम हटाने और आपत्तियां दर्ज कराने की प्रक्रिया पर असर पड़ेगा। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह नहीं बताया गया है कि नए नियम के तहत सीमा से अधिक आवेदन जमा करने की कोशिश करने पर क्या प्रक्रिया अपनाई जाएगी। आयोग की ओर से स्पष्ट की गई मुख्य बात यही है कि फॉर्म-7 के आवेदन अब तय संख्या के भीतर ही जमा किए जा सकेंगे।

क्या इस फैसले से मतदाता सूची में नाम हटाने की प्रक्रिया बदलेगी?
नए नियम से किसी व्यक्ति की ओर से जमा किए जा सकने वाले फॉर्म-7 आवेदनों की संख्या सीमित होगी। दावे और आपत्तियों की अवधि में अधिकतम 10 आवेदन और नियमित अपडेट के दौरान हर महीने अधिकतम पांच आवेदन की अनुमति होगी। आयोग का कहना है कि इससे बिना आधार वाली सामूहिक आपत्तियों को रोकने, मतदाताओं की परेशानी कम करने और चुनाव अधिकारियों का काम आसान बनाने में मदद मिलेगी। इस तरह आयोग ने मतदाता सूची से नाम हटाने की मांग करने वाले आवेदनों के लिए स्पष्ट सीमा तय कर दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें