भारतीय निर्वाचन आयोग ने दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल के दिल्ली में लाखों लोगों के नाम मतदाता सूची से नाम कटने के दावे को गलत बताया है। आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को मुख्य चुनाव आयुक्त से मिल कर वोटर लिस्ट में बड़ी मात्रा में गड़बड़ी की शिकायत की थी।
चुनाव आयोग ने अपने स्पष्टीकरण में कहा है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मुख्य चुनाव आयुक्त से मुलाकात करने के बाद मीडिया को गलतबयानी की। आयोग ने केजरीवाल के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की वोटर लिस्ट में 10 लाख मतदाताओं के नाम काटे जाने के दावे को बिल्कुल गलत बताया है। आयोग का कहना है कि मुलाकात के दौरान इस बात की कोई पुष्टि उनकी तरफ से नहीं की गई है। गौरतलब है कि शुक्रवार को चुनाव आयुक्त से मुलाकात के बाद मीडिया के सामने केजरीवाल ने कहा था कि आयोग ने माना है कि वोटर लिस्ट से 10 लाख लोगों के नाम हटाए गए हैं।
चुनाव आयोग ने अपने स्पष्टीकरण में कहा है कि आप नेताओं के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान आयोग ने केवल दो मांगे ही स्वीकार की हैं। आयोग ने स्वीकारा है कि वह दिल्ली के लालकुआं और तुगलकाबाद क्षेत्र में वोटर लिस्ट की जांच कराएगा। आयोग का कहना है कि वोटर लिस्ट में नाम हटाने-जोड़ने की प्रक्रिया लगातार चलती रहती है और अगली सूची 04 जनवरी, 2019 को प्रकाशित होगी।
इससे पहले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने चुनाव आयोग से शिकायत की थी कि भाजपा के इशारे पर आप समर्थकों और विधायकों के परिजनों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जा रहे हैं, इसमें कांग्रेस के समर्थक भी शामिल हैं।