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फंसा पेंच: शिंदे गुट को नाम में मिले बालासाहेब और शिवसेना, लेकिन चुनाव चिह्न के तीनों विकल्प हुए खारिज

Mon, 10 Oct 2022 09:01 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

नए नाम के विकल्प के तौर पर शिंदे गुट ने चुनाव आयोग को शिवसेना (बालासाहेब ठाकरे) नाम दिया था। वहीं, चुनाव निशान के लिए शिंदे गुट ने गदा, उगता सूरज और त्रिशूल में से कोई एक दिए जाने की मांग की थी। 
 
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एकनाथ शिंदे - फोटो : ANI
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विस्तार
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मुंबई के अंधेरी ईस्ट में होने वाले उप-चुनाव के लिए चुनाव आयोग ने शिवसेना के दोनों गुटों एकनाथ शिंदे गुट और उद्धव ठाकरे गुट के लिए नए नामों का एलान कर दिया है। वहीं, चुनाव चिन्ह अभी केवल उद्धव गुट को मिला है। चुनाव आयोग ने एकनाथ शिंदे गुट को बालासाहेबची शिवसेना नाम दिया है। गौरतलब है कि शिंदे गुट द्वारा दिए गए चुनाव चिन्ह के तीनों विकल्पों को आयोग ने खारिज कर दिया है। ऐसे में शिंदे गुट को एक बार फिर चुनाव चिन्हों के नए विकल्प देनें होंगे। 

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बालासाहेब के हिंदुत्ववादी विचारों की हुई जीत: शिंदे
मुख्यमंत्री शिंदे ने ट्वीट कर कहा, "आखिरकार, बालासाहेब ठाकरे के मजबूत हिंदुत्ववादी विचारों की जीत हुई है। हम बालासाहेब के विचारों के उत्तराधिकारी हैं। भारत के चुनाव आयोग ने आज शिवसेना के शिंदे गुट को 'बालासाहेबची' नाम आवंटित किया।" 

शिंदे गुट ने दिए थे ये विकल्प
नए नाम के विकल्प के तौर पर शिंदे गुट ने चुनाव आयोग को शिवसेना (बालासाहेब ठाकरे) नाम दिया था। वहीं, चुनाव निशान के लिए शिंदे गुट ने गदा, उगता सूरज और त्रिशूल में से कोई एक दिए जाने की मांग की थी। 
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नाम में फंसा फेंच
वहीं, चुनाव आयोग द्वारा चुनाव चिन्ह के तीन विकल्प और नए नाम मांगे जाने पर दोनों गुटों ने शिवसेना (बालासाहेब ठाकरे) नाम की मांग की थी। दोनों गुटों की समान मांग को देखते हुए चुनाव आयोग ने दोनों ही गुटों को यह नाम नहीं दिया है। नाम के अलावा चिन्हों के दिए गए विकल्पों में त्रिशूल और उगता सूरज की दोनों गुटों ने मांग की थी।

शिंदे गुट दे नए विकल्प- चुनाव आयोग
बता दें कि शिंदे गुट ने अपने विकल्पों के तौर पर गदा, उगता सूरज और त्रिशूल में से कोई एक चिह्न मांगा था। अब एकनाथ शिंदे गुट से कहा गया है कि वे 11 अक्टूबर की सुबह 10 बजे तक अपनी पसंद के तीन नए चुनाव चिह्न बताएं। उसी आधार पर आगे फैसला होगा।

क्यों हो रही है यह कवायद
दरअसल, तीन नवंबर को महाराष्ट्र के अंधेरी ईस्ट विधानसभा सीट पर उपचुनाव होने हैं। इस सीट से अब तक शिवसेना के रमेश लटके विधायक थे। रमेश अपने परिवार के साथ दुबई गए थे, जहां दिल का दौरा पड़ने के कारण 12 मई को उनका निधन हो गया। 

उद्धव गुट के लिए ये अग्निपरीक्षा
चुनाव आयोग ने तीन नवंबर को यहां उपचुनाव कराने का फैसला लिया है। इसके लिए शिंदे गुट और भाजपा ने मिलकर यहां से पूर्व पार्षद मुरजी पटेल को अपना संयुक्त उम्मीदवार बनाया है। पटेल के सामने उद्धव गुट का उम्मीदवार भी होगा। उद्धव गुट को कांग्रेस, एनसीपी का भी समर्थन मिला है। उद्धव ठाकरे के हटने और शिंदे के मुख्यमंत्री बनने के बाद ये पहला चुनाव है। ऐसे में दोनों गुटों के लिए ये चुनाव किसी अग्नि परीक्षा से कम नहीं है। 

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