चुनाव आयोग ने शुक्रवार को कोलकाता में बंगाल चुनाव को लेकर सर्वदलीय बैठक बुलाई है। इसमें कोरोना के बढ़ते प्रकोप के बीच आयोग रैलियों पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव रख सकता है। इस बीच भाजपा नेताओं ने कोरोना प्रोटोकॉल के पालन का वादा किया है तो टीएमसी ने बचे चुनाव एक ही चरण में कराने की मांग की है।
बता दें, चुनाव आयोग के पास संविधान के अनुच्छेद-324 के तहत शांतिपूर्ण चुनाव कराने के लिए उसके पास रैलियों पर पाबंदी का अधिकार है। बड़ी रैलियों, रोड शो और जनसभाओं के बजाय वह राजनीतिक दलों से पांच या दस कार्यकर्ताओं के समूहों में सामाजिक दूरी बनाए रखते हुए डोर टू डोर प्रचार करने का प्रस्ताव रख सकता है। साथ ही डिजिटल और वर्चुअल तरीके से प्रचार जारी रहेगा। बता दें कि सर्वदलीय बैठक के लिए भाजपा नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल कोलकाता सर्किट हाउस पहुंच चुका है।
मुख्य चुनाव आयुक्त से बैठक के बाद पश्चिम बंगाल में भाजपा नेता स्वपन दास गुप्ता ने बताया कि हमने चुनाव आयोग को सुरक्षा मानदंडों के साथ-साथ लोकतांत्रिक संस्कृति का संतुलन बनाए रखने की सलाह दी है। अब चुनाव आयोग यह बताए कि राजनीतिक दलों को वास्तव में क्या करना चाहिए। हम उन्हें हर तरह के प्रोटोकॉल का पालन करने का आश्वासन दिया है।
टीएमसी ने की अब सिर्फ एक चरण में मतदान की मांग
इस बीच टीएमसी ने मांग की है कि बंगाल में बचे हुए चरणों के चुनाव सिर्फ एक चरण में करा दिए जाएं। टीएमसी नेता डेरेक ओ ब्रॉयन ने कहा कि मैं भाजपा नेताओं से आग्रह करता हूं कि वे अपनी स्थिति स्पष्ट करें कि क्या वे हमसे सहमत हैं? उन्होंने कहा कि राजनीति दूसरी प्राथमिकता होना चाहिए। पहली यह कि हम कोरोना महामारी पर काबू पाएं।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में शामिल होने के लिए बंगाल के सभी राजनीतिक दलों को केवल एक प्रतिनिधि भेजने को कहा गया है। बैठक में बाकी चार चरणों के लिए चुनाव प्रचार से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में सामाजिक दूरी और कोविड-19 से जुड़े विभिन्न नियमों के पालन को लेकर चर्चा की जाएगी।
नामांकन वापस लेने की आखिरी तिथि और मतदान की तारीख के बीच कम से कम 14 दिन का अंतर होना चाहिए। हालांकि, अंतिम चरण के चुनाव के लिए नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि 12 अप्रैल थी। इसलिए उसका मतदान 26 अप्रैल से पहले नहीं हो सकता, इसीलिए मतदान पीछे तो खिसकाया जा सकता है लेकिन आगे नहीं लाया जा सकता। बैठक में राज्य के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) जग मोहन और राज्य के स्वास्थ्य सचिव एनएस निगम भी बैठक में मौजूद रहेंगे।
हाईकोर्ट के भी निर्देश
इससे पहले कलकत्ता हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश टीबी एन राधाकृष्णन की पीठ ने दो जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए मंगलवार को निर्देश दिया था कि कोरोना वायरस के मामलों में बढ़ोतरी के मद्देनजर विधानसभा चुनाव के लिए राजनीतिक दलों के प्रचार के संबंध में स्वास्थ्य संबंधी सभी निर्देशों का कड़ाई से पालन होना चाहिए।