फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चुनाव आयोग ने नहीं छोड़ी ईवीएम में टोटलाइजर की मांग

Sat, 25 Feb 2017 06:36 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
भारतीय निर्वाचन आयोग
विज्ञापन
केंद्र सरकार भले ही इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन में टोटलाइजर उपकरण लगाने की चुनाव आयोग की मांग को खारिज कर चुकी है मगर चुनाव आयोग ने अपनी इस पुरानी मांग को छोड़ा नहीं है। केंद्र को भेजी मांग में चुनाव आयोग ने दलील दी है कि एक-एक ईवीएम मशीन के जरिये गिनती करने से गोपनीयता नहीं रहती है। 
विज्ञापन


चुनाव आयोग ने माना है कि पोलिंग स्टेशन वार मतगणना होने की स्थिति में ऐसी स्थिति आ जाती है कि कई क्षेत्रों और पॉकेट में वोटिंग पैटर्न सबको पता लग जाता है, जिससे उस क्षेत्र के मतदाताओं को डराया-धमकाया जा सकता है।

वहीं केंद्र का मानना है कि इस मशीन के इस्तेमाल से सभी पोलिंग स्टेशनों के आंकड़े एकत्र हो जाने के बाद यह पता चलना कठिन हो जाएगा कि किस बूथ से किस पार्टी या प्रत्याशी को कितने वोट मिले।
विज्ञापन
Trending Videos
विज्ञापन

आयोग ने कंडक्ट ऑफ इलेक्शन रूल्स, 1961 में संशोधन की मांग की है

केंद्रीय चुनाव आयुक्त डॉ. नसीम जैदी
आयोग ने इसके लिए कंडक्ट ऑफ इलेक्शन रूल्स, 1961 में संशोधन की मांग की है। मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी ने केंद्र सरकार को भेजे प्रस्तावों की सूची में इस मांग को प्रमुखता से शामिल किया है। चुनाव आयोग का कहना है कि ईवीएम टोटलाइजर मशीन एक साथ 14 ईवीएम में पड़े वोटों की गिनती कर सकती है। टोटलाइजर मशीन को ईवीएम में केबल के जरिये जोड़ा जाता है।

आयोग का कहना है कि टोटलाइजर के इस्तेमाल से ईवीएम में पड़े वोटों की गोपनीयता बनी रहती है। चुनाव आयोग की यह मांग जनवरी, 2013 में भी कानून आयोग के पास गई थी। उसके बाद कानून आयोग ने मार्च, 2015 में भेजी रिपोर्ट में चुनाव आयोग के इस प्रस्ताव का समर्थन किया था। 

चुनाव आयोग के सूत्रों का कहना है कि इस टोटलाइजर मशीन का प्रदर्शन राजनीतिक दलों के सामने भी किया जा चुका है। उस समय कांग्रेस, बसपा, एनसीपी ने इसका खुला समर्थन किया था। वहीं भाजपा और माकपा ने सैद्घांतिक रूप से इस पर सहमति जताई थी और साथ ही यह भी कहा था कि इसके इस्तेमाल को लेकर पूरी सतर्कता बरती जाए। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें