बिहार कर्मचारी चयन आयोग परीक्षा के पेपर लीक कांड में एसआईटी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आयोग के अध्यक्ष सुधीर कुमार को झारखंड के हजारीबाग से गिरफ्तार किया है। इस माह के आरंभ में हुए पेपर लीक कांड के खुलासे के बाद से वह फरार चल रहे थे। आईएएस संघ और सुधीर के परिवार ने उनकी गिरफ्तारी का विरोध किया है। सुधीर के पिता का आरोप है कि उनके बेटे को इस मामले में फंसाया जा रहा है। आईएएस एसोसिएशन ने मामले की सीबीआई जांच की मांग की है, जिससे कि सुधीर कुमार के खिलाफ निष्पक्ष जांच हो सके। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने देर शाम इस मामले में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से भी मुलाकात की।
एक ईमानदार अधिकारी की छवि रखने वाले 1987 बैच के आईएएस अधिकारी सुधीर कुमार के चार रिश्तेदार और एक परिचित को भी गिरफ्तार किया गया है। इनमें सुधीर कुमार के भाई, भाई की पत्नी, बहू और भांजे शामिल हैं। उनके भाई अवधेश कुमार पटना वीमेंस कॉलेज में प्रोफेसर हैं। सभी को हजारीबाग से पटना लाया गया है। सभी आरोपियों को शुक्रवार को अदालत में पेश किया गया। कोर्ट ने उन्हें 3 मार्च तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
पटना के जोनल आईजी एनएच खान ने कहा कि एसआईटी को सुधीर कुमार की भूमिका शुरू से ही संदिग्ध लग रही थी। इस मामले में उनसे दो बार पूछताछ हो चुकी है। सुधीर कुमार के खिलाफ ठोस सबूत मिले हैं। एसएसपी मनु महाराज ने दावा किया है कि सुधीर कुमार के भांजे के पास से लीक हुआ पेपर बरामद हुआ है। सुधीर के भाई व भांजा पर्चा लीक मामले में शामिल पाए गए हैं। भांजा खुद परीक्षा में शामिल भी हुआ था।