प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो)
- फोटो : ANI
महाराष्ट्र विधानसभा के लिए शनिवार शाम को चुनाव प्रचार समाप्त हो गया। 21 तारीख को मतदान होगा और 24 अक्तूबर को नतीजे आएंगे। करीब चार सप्ताह चले प्रचार में भाजपा, शिवसेना और एनसीपी की धूम रही लेकिन कांग्रेस में रफ्तार नहीं दिखी। प्रचार में कांग्रेस-एनसीपी पर भाजपा-शिवसेना हमलावर रहीं। भाजपा के प्रचार की कमान खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संभाली थी और अमित शाह भी पूरे जोर-शोर से लगे थे।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी जोरदार मोर्चा संभाला और चार हफ्तों की 65 सभाओं समेत पहले की महाजनादेश यात्रा के दौरान ली 160 सभाओं को मिलाकर चुनाव संबंधी 225 सभाएं कीं। राज्य में नरेंद्र मोदी ने नौ और अमित शाह ने दस सभाएं कीं। वहीं एनसीपी की तरफ से पार्टी प्रमुख शरद पवार जमकर जूझते रहे। अजित पवार और सुप्रिया सुले ने उनके साथ मैदान संभाला। शिवसेना के लिए उद्धव ठाकरे और आदित्य ठाकरे की सभाएं लोगों को आकर्षित करती रहीं।
कांग्रेस के लिए निराशाजनक रहा कि गांधी परिवार से केवल राहुल महाराष्ट्र में आए। उन्होंने मात्र दो सभाएं कीं। वंचित बहुजन अघाड़ी के डॉ. प्रकाश आंबेडकर, एमआईएम के असदुद्दीन ओवैसी और मनसे के राज ठाकरे की सभाएं कुछ खास वर्गों के लिए रहीं। चुनाव के लिए राज्य का प्रशासन पूरी तरह तैयार है। यहां कुल आठ करोड़, 98 लाख, 39 हजार 600 मतदाता हैं।
वोटिंग के लिए 96 हजार 661 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। केवल महिलाओं के लिए महिलाओं द्वारा नियंत्रित 352 सखी मतदान केंद्र भी इस बार हैं। वोटिंग के लिए एक लाख 79 हजार 895 बैलेट यूनिट, एक लाख 26 हजार 505 कंट्रोल यूनिट और एक लाख 35 हजार 21 हजार वीवीपैट मशीनें चुनाव में प्रयोग होंगी। विधानसभा चुनाव के लिए राज्य में साढ़े छह लाख कर्मचारियों की भी नियुक्ति की गई है।
मंच पर पंकजा मुंडे की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में भर्ती
भाजपा नेता और महाराष्ट्र की ग्रामीण विकास मंत्री पंकजा मुंडे को शनिवार को चुनाव प्रचार के दौरान मंच पर चक्कर आ गया। वह यहां से चुनाव लड़ रही हैं और शनिवार को अंतिम दिन कई सभाएं कर रही थीं। तभी भाषण देते हुए उनका स्वास्थ्य खराब हो गया।
इस दौरान उनके पति अमित पावले मंच पर साथ थे। पंकजा मुंडे को इलाज के लिए तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद में पार्टी की तरफ से कहा गया कि कोई गंभीर बात नहीं है और वह स्वस्थ हो रही हैं।