ओझा ने बताया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को लिखे पत्र में उन्होंने जन प्रतिनिधित्व कानून की धारा 126 के प्रावधानों के बारे में जानकारी दी है। साथ ही कहा है कि धारा 126 के तहत सुनिश्चित करें कि सोशल मीडिया पर इस तरह का प्रचार न हो और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
उन्होंने बताया कि चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद वोटिंग से 48 घंटे पहले टीवी, अखबार या किसी अन्य समकक्ष माध्यम पर ओपिनियन पोल या एग्जिट पोल दिखाने पर पूर्णतया प्रतिबंध है। वहीं अगर कई चरणों में कई राज्यों में चुनाव हो रहे हों, तो सभी राज्यों में चुनाव समाप्ति तक इस तरह का प्रचार नहीं किया जा सकता।
इसके अलावा चुनाव के दौरान एसएमएस के जरिए भी कोई वोट देने की अपील करता है तो यह नियम का उल्लंघन माना जाएगा।