महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने उपराष्ट्रपति चुनाव में एनडीए को बिना शर्त समर्थन देने का एलान किया। दिल्ली में अमित शाह से मुलाकात के बाद उन्होंने यह घोषणा की। शिंदे ने महायुति के तहत स्थानीय निकाय चुनाव साथ लड़ने की बात भी कही। इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री फडणवीस से मतभेद की खबरों को भी खारिज किया।
शिवसेना नेता और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने उपराष्ट्रपति पद के चुनाव में एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) को बिना शर्त समर्थन देने का एलान किया है। उन्होंने यह घोषणा दिल्ली दौरे के दौरान की, जहां उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की। शिंदे ने कहा कि बीजेपी, शिवसेना और एनसीपी का महायुति गठबंधन महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनाव भी एक साथ लड़ेगा।
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एकनाथ शिंदे ने कहा कि उनकी पार्टी भाजपा नेतृत्व वाले एनडीए के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और उपराष्ट्रपति चुनाव में बिना किसी शर्त के समर्थन देगी। यह चुनाव 9 सितंबर को होना तय है। मौजूदा उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद यह पद रिक्त हुआ है। शिंदे ने अपने बयान में यह भी कहा कि एनडीए आज पहले से कहीं अधिक एकजुट और मजबूत है।
अमित शाह को बताया निर्णायक नेता
शिंदे ने अमित शाह की राजनीतिक उपलब्धियों की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि अमित शाह न केवल देश के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले गृह मंत्री बने हैं, बल्कि उन्होंने शिवसेना संस्थापक बालासाहेब ठाकरे का सपना भी पूरा किया है। उन्होंने अनुच्छेद 370 हटाकर जम्मू-कश्मीर को पूरी तरह भारत में मिलाने का ऐतिहासिक कार्य किया। साथ ही आतंकवाद और नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की है।
दिल्ली दौरे पर ‘तनाव’ की अटकलें खारिज
शिंदे ने यह भी स्पष्ट किया कि उनके लगातार दिल्ली आने को कुछ लोग मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मतभेद के रूप में पेश कर रहे हैं, जो पूरी तरह गलत है। उन्होंने कहा कि उनके और फडणवीस के बीच कोई तनाव नहीं है और वे मिलकर महाराष्ट्र के विकास के लिए काम कर रहे हैं। दिल्ली दौरे का उद्देश्य सिर्फ राजनीतिक समन्वय और केंद्रीय नेताओं से मुलाकात है।
महायुति महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनाव भी लड़ेगी साथ
शिंदे ने यह भी बताया कि महाराष्ट्र में बीजेपी, शिवसेना (शिंदे गुट) और अजीत पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी का महायुति गठबंधन आगामी स्थानीय निकाय चुनाव एकजुट होकर लड़ेगा। इससे यह संकेत मिलता है कि तीनों पार्टियां राज्य स्तर पर चुनावी समीकरणों को लेकर पूरी तरह स्पष्ट और एकजुट हैं। शिंदे के इस बयान से यह साफ हो गया है कि एनडीए उपराष्ट्रपति चुनाव में मजबूत स्थिति में है और उसे सहयोगी दलों का पूरा समर्थन मिल रहा है।