महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शनिवार को विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि आलोचक उन्हें और उनकी सरकार को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं और वह सरकार के अच्छे कामों को पचा नहीं पा रहे हैं। इससे पहले उद्धव ठाकरे ने भी राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी की छत्रपति शिवाजी महाराज पर की गई टिप्पणी को लेकर निशाना साधा था।
आरोपों का जवाब अपने शब्दों से नहीं बल्कि अपने काम से देंगे
उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि मुझे और राज्य सरकार को बदनाम करने की होड़ चल रही है और रोज नए-नए आरोप लगाए जा रहे हैं। शिंदे ने कहा कि वह अपने खिलाफ लगे आरोपों का जवाब अपने शब्दों से नहीं बल्कि अपने काम से देंगे।
उद्योग रातों रात राज्य के बाहर नहीं जाते
ठाणे में परियोजनाओं की श्रृंखला का शुभारंभ करते हुए कहा कि अब कोई उद्योग रातों रात राज्य के बाहर नहीं जाते हैं। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं को लाने में बहुत सारी योजनाएं हैं। हाल ही में, एक मेगा परियोजना महाराष्ट्र में आई थी दो राज्य के बाहर चले गए। हालांकि राज्य में कई शुरू होने वाली हैं।
ठाणे गड्ढा मुक्त होना चाहिए
शिंदे ने कहा कि वह ठाणे में अपने कामों के कारण ही मुख्यमंत्री बन सकते हैं और अब उन्हें राज्य में बड़ी भूमिका निभानी है और विभिन्न मुद्दों पर ध्यान देना है। आगे उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि ठाणे एक विश्व स्तरीय शहर बने। ठाणे को गड्ढा मुक्त होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सफाई कर्मचारियों और स्वास्थ्य कर्मियों के परिवार के सदस्यों को मुफ्त चिकित्सा जांच के तहत कवर किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि ठाणे के लिए 605 करोड़ रुपये का फंड उपलब्ध कराया गया है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त धनराशि मंजूर की जा सकती है। सीएम ने कहा कि मैं उत्सुक हूं कि महाराष्ट्र का विकास हो और औद्योगिक अवसरों के अलावा रोजगार के अवसर पैदा हों।