महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने घोषणा की है कि उनके गुरु आनंद दिघे की 42 मीटर ऊंची प्रतिमा ठाणे शहर में स्थापित की जाएगी। उन्होंने गुरुवार को शिवाजी मैदान में घंटाघर के जीर्णोद्धार के लिए ‘भूमि पूजन’ समारोह के दौरान यह घोषणा की, जहां प्रतिमा स्थापित की जाएगी। एक अन्य मामले में ठाणे जिले की एक अदालत ने पांच साल पुराने हत्या के एक मामले में दो लोगों को यह कहते हुए बरी कर दिया कि अभियोजन पक्ष अपराध साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत पेश नहीं कर सका।
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के गुरु आनंद दिघे की 42 मीटर ऊंची प्रतिमा ठाणे शहर में स्थापित की जाएगी। शिंदे ने गुरुवार को यह घोषणा यह घोषणा उन्होंने शिवाजी मैदान में स्थित घंटाघर के नवीनीकरण के लिए आयोजित भूमिपूजन समारोह के दौरान की। यह प्रतिम शिवाजी मैदान में स्थापित की जाएगी।
शिंदे ने कहा कि पुनर्निर्मित परिसर में न केवल विशाल प्रतिमा होगी बल्कि नागरिकों के लिए विभिन्न सुविधाएं भी होंगी। शिंदे ने बताया कि इस काम के लिए 11 करोड़ रुपए का बजट पहले ही स्वीकृत हो चुका है। उन्होंने कहा कि जब बात दिघे साहब की आती है, जिनके आशीर्वाद से मैं मुख्यमंत्री बना, तो धन की कभी कमी नहीं होगी। ठाणे क्षेत्र के वरिष्ठ शिवसेना नेता दिघे की अगस्त 2001 में एक दुर्घटना के बाद दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था।
इस बीच भाजपा विधायक संजय केलकर ने दावा किया है कि सरकारी एजेंसियों की मिलीभगत से ठाणे शहर में अवैध स्कूल तेजी से बढ़ रहे हैं। वे गुरुवार को मान्यता प्राप्त स्कूलों के प्रतिनिधियों से मिलने के बाद मीडिया से बात कर रहे थे। विधायक ने इन अवैध संस्थानों की बिजली और पानी की आपूर्ति तत्काल बंद करने की मांग की और इनके संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की।
केलकर ने कहा कि अधिकारियों ने शैक्षणिक वर्ष की शुरुआत से पहले अनधिकृत स्कूलों से छात्रों को मान्यता प्राप्त स्कूलों में स्थानांतरित करने के निर्देश जारी किए थे। हालांकि, इस निर्देश की खुलेआम अनदेखी की गई है। विधायक ने आरोप लगाया कि वंचित पृष्ठभूमि के माता-पिता इन स्कूलों द्वारा ठगे जा रहे हैं, जो उनके बच्चों के लिए कोई वैध शैक्षणिक स्थिति या भविष्य प्रदान नहीं करते हैं।
महाराष्ट्र के ठाणे जिले की एक अदालत ने पांच साल पुराने हत्या के मामले में दो लोगों को बरी कर दिया है। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष परिस्थितिजन्य साक्षयों के आधार पर दोष सिद्ध करने के लिए आवश्यक कड़ियों को साबित नहीं कर सका। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ए एन सिरसीकर ने 19 जून को दिए अपने आदेश में 36 वर्षीय राहुल भारत भीसे और भुजंग मिसाल(39) को राहत दी। दोनों घटना के तुरंत बाद से ही न्यायिक हिरासत में थे।
दरअसल 28 सितंबर 2019 को ठाणे जिले के काशीमिरा इलाके में सागर दास नामक व्यक्ति का शव बरामद किया गया था। अभियोजन पक्ष ने दावा किया था कि घटना से एक रात पहले दास , भीसे और मिसाल ने साथ में शराब पी थी और वे आखिरी बार उनके साथ ही देखा गया थे। इसके अलावा दास के खून से सने कपड़े भीसे के घर से बरामद किए गए थे।
हालांकि, न्यायाधीश ने कहा कि अभियोजन पक्ष इन सभी कड़ियों को ठोस रूप से सिद्ध नहीं कर पाया। अदालत ने बताया कि मृतक की पत्नी, सास और एक पड़ोसी ने अभियोजन पक्ष के बयान का समर्थन नहीं किया। अदालत के अनुसार अभियोजन पक्ष ने सीसीटीवी फुटेज पेश की, जिसमें घटना के समय दूसरा आरोपी कथित रूप से शराब खरीदता हुआ दिखाई दे रहा था, लेकिन यह फुटेज उन गवाहों को नहीं दिखाया गया, जो आरोपी की पहचान कर सकें। साथ ही, भीसे की पैंट पर मिले खून के धब्बों की रासायनिक जांच से भी अभियोजन को कोई मदद नहीं मिली क्योंकि मृतक के रक्त समूह की पुष्टि नहीं हो सकी।
मृतक का रहा आपराधिक रिकॉर्ड
न्यायाधीश ने यह भी कहा कि सागर दास का आपराधिक रिकॉर्ड था और उसका कई लोगों से झगड़ा चल रहा था। इन सभी तथ्यों के आधार पर न्यायालय ने दोनों आरोपियों को बरी करते हुए कहा कि इस संभावना को खारिज नहीं किया जा सकता कि किसी और ने हत्या की हो।