ईद-उल-फितर का त्योहार साल में एक बार आता तो मुमकिन है कुछ लोग ईद की नमाज पढ़ने का तरीका भूल जाते हैं। कुछ लोग ईद की नमाज के तुरंत बाद उठकर जाने लगते हैं जोकि गलत है। नमाज के बाद खुत्बा होता है जिसको सुनना जरूरी है। कहा गया है कि नमाज के बाद खुत्बा सुनने के बाद ही ईदगाह या मस्जिद से जाना चाहिए।
इस तरह पढ़ें नमाज
पहले नमाज की नियत करें
नियत करता हूं मैं दो रकात नमाजे ईदुल-उल-फित्र, जाईद छह तकबीरों के मुंह मेरा काबे शरीफ की तरफ वासते अल्लाह के पीछे इमाम के अल्लाहु अकबर।
इमाम जोर से और मुकतदी आहिस्ता से तकबीर कहकर हाथ बांधकर सना पढ़ेंगे। इसके बाद जाईद तकबीरें होंगी।
पहली तकबीर कहकर हाथ कानों तक उठाकर छोड़ना है।
दूसरी तकबीर कहकर हाथ कानों तक उठाकर छोड़ना है।
तीसरी तकबीर कहकर हाथ कानों तक उठाकर बांधना है।
इसके बाद किरात (कुरान की तिलावत) होगी और रुकूअ, सजदा करके पहली रकात मुकम्मल हो जाएगी।
दूसरी रकात के लिए उठते ही इमाम किरात करेगा इसके बाद जाईद तीनों तकबीरें होंगी।
पहली तकबीर कहकर हाथ कानों तक उठाकर छोड़ना है।
दूसरी तकबीर कहकर हाथ कानों तक उठाकर छोड़ना है।
तीसरी तकबीर कहकर हाथ कानों तक उठाकर छोड़ना है।
यहां तक छह जाईद तकबीरें मुकम्मल हो गईं।
अब इसके बाद बिना हाथ उठाए तकबीर कहकर रुकूअ में जाएंगे ।
आगे की नमाज दूसरी नमाजों की तरह होगी।