भारत का स्वदेशी टीका कोवाक्सिन कोरोना के खिलाफ कितना प्रभावी है, ये जानकारी सामने लाने के लिए तीसरे चरण का ट्रायल डाटा सात से आठ दिनों में पब्लिश हो जाएगा। इस टीके को भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद और भारत बायोटेक की ओर से बनाया गया है। तीसरे चरण के ट्रायल से टीके की प्रभावशीलता की जानकारी मिलेगी।
राष्ट्रीय कोविड टास्स फोर्स के अध्यक्ष डॉ. वीके पॉल का कहना है कि अगले सात से आठ दिनों के भीतर कोवाक्सिन के तीसरे चरण के ट्रायल के नतीजे जारी हो जाएंगे। कोविड टास्क फोर्स की ओर से ये एलान तब आया, जब अमेरिका में स्वदेशी टीके को आपातकाल इस्तेमाल की मंजूरी नहीं मिली।
अमेरिका में आपातकालीन इस्तेमाल की मंजूरी नहीं मिली
अमेरिका कोवाक्सिन बनाने वाली कंपनी को एक और अतिरिक्त परीक्षण शुरू करने के लिए कहा है, ताकि कंपनी एक बायोलॉजिकल लाइसेंस आवेदन (बीएलए) के लिए फाइल कर सके, जो कि एक पूर्ण मंजूरी है। अमेरिकी एफडीए ने कंपनी को आपातकालीन इस्तेमाल की मंजूरी के बजाय पूर्ण मंजूरी के आवेदन की सलाह दी है।
अमेरिका के फैसले का सम्मान करते हैं- पॉल
पॉल ने कहा कि अमेरिका के फैसले से भारत में इसके रेगुलेशन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। कंपनी की माने को विश्व स्वास्थ्य संगठन से जुलाई-सितंबर में कोवाक्सिन को मंजूरी मिल जाएगी। अमेरिका के फैसले पर वीके पॉल ने कहा कि हर देश का रेगुलेटरी सिस्टम अलग-अलग होता है। हर देश के अपने मापदंड होते हैं और हम उसका सम्मान करते हैं।
सात-आठ दिनों में सार्वजनिक होगा तीसरे चरण के ट्रायल का डाटा
कोवाक्सिन के तीसरे चरण के ट्रायल पर वीके पॉल ने कहा कि वैक्सीन की सुरक्षा को लेकर हमारे पास खूब डाटा है। मुझे बताया गया है कोवाक्सिन टीके के तीसरे चरण के परीक्षण का डाटा सात से आठ दिनों के बीच सार्वजनिक हो जाएगा। बता दें कि कोवाक्सिन के पहले और दूसरे चरण के ट्रायल के नतीजों के आधार पर सीडीएससीओ ने टीके के आपातकाल इस्तेमाल को मंजूरी दे दी थी।
इसके अलावा भारत बायोटेक ने अपनी वैक्सीन का तीसरे चरण का ट्रायल भी किया, जिसमें 25,800 लोगों को शामिल किया गया। हालांकि इस चरण के ट्रायल नतीजों के अंतरिम विश्लेषण के मुताबिक, कोरोना के खिलाफ कोवाक्सिन 78 फीसदी प्रभावशाली है।