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Corona: देश में कोरोना के आगमन पर लगाम लगाने में ये रणनीति आई काम, केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने किया खुलासा

Wed, 07 Sep 2022 10:42 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

दो दिवसीय कार्यशाला में हवाईअड्डा स्वास्थ्य संगठनों, बंदरगाह स्वास्थ्य संगठनों, भूमि बंदरगाह स्वास्थ्य संगठनों, आईडीएसपी, एनसीडीसी, आपदा प्रबंधन अधिकारियों और एनआईडीएम, एसडीएमए और सीआईएसएफ जैसे सहयोगी संगठनों के अधिकारियों ने भाग लिया। स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी इसे लेकर एक बयान जारी किया है। 
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कोरोना जांच - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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कोरोना महामारी के प्रति भारत की तैयारियों को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने बुधवार को अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने एक दो दिवसीय कार्यशाला में कहा कि भारत में एंट्री प्वाइंट्स (अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों या अन्य ऐसे स्थान जहां से विदेशों से यात्री भारत में प्रवेश करें) पर कोरोना के प्रति हम पहले से ही सतर्क थे। इन प्वाइंट्स पर बाहर से आने वाले हर नागरिक की बेहद सख्ती से निगरानी की जा रही थी। इसके कारण ही भारत में कोरोना महामारी का अन्य देशों की अपेक्षा देर से आगमन हुआ।  

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केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि देश में एंट्री प्वाइंट्स (पीओई) किसी भी अंतरराष्ट्रीय महामारी से देश को बचाने के लिए उस देश की रक्षा की पहली पंक्ति होते हैं। उन्होंने आगे कहा कि इन एंट्री प्वाइंट्स पर प्रभावी निगरानी के कारण ही देश में जरूरी सार्वजनिक स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे और महामारी को प्रभावी ढंग से निपटने की क्षमताओं को विकसित करने के लिए  समय मिल पाया। उन्होंने ये बातें भारत में एंट्री प्वाइंट्स (पीओई) पर सार्वजनिक स्वास्थ्य तैयारी को मजबूत करने के लिए रोडमैप बनाने के विषय पर आयोजित एक दो दिवसीय कार्यशाला में कहीं। 

इस दो दिवसीय वर्कशॉप का आयोजन मंगलवार को हुआ था। केंद्रीय अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य (आईएच) डिवीजन, स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसका आयोजन कराया था। इस दो दिवसीय कार्यशाला में हवाईअड्डा स्वास्थ्य संगठनों, बंदरगाह स्वास्थ्य संगठनों, भूमि बंदरगाह स्वास्थ्य संगठनों, आईडीएसपी, एनसीडीसी, आपदा प्रबंधन अधिकारियों और एनआईडीएम, एसडीएमए और सीआईएसएफ जैसे सहयोगी संगठनों के अधिकारियों ने भाग लिया। स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी इसे लेकर एक बयान जारी किया है। 
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स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपने बयान में बताया कि अतिरिक्त सचिव लव अग्रवाल ने महामारी के खिलाफ एंट्री प्वाइंट्स पर सुविधाओं के विस्तार और उन्हें मजबूत करने के लिए किए गए विभिन्न नवाचारों के बारे में इस दो दिवयीस कार्यशाला में बताया। इसमें पेपरलेस स्वास्थ्य जांच, एयर सुविधा पोर्टल, प्लान, निगरानी, परीक्षण, संपर्क ट्रेसिंग की सुविधा के लिए डिजिटल तकनीकों का इस्तेमाल आदि शामिल है।

मंत्रालय ने बयान में आगे कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य महामारी के दौरान सीखे गए सबक को भविष्य में ध्यान रखने और सार्वजनिक स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में काम करने वाले विभिन्न हितधारकों को एक साथ लाने के लिए एक मंच प्रदान करना था।

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