केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने रविवार को कहा कि भारत को मेक इन इंडिया लक्ष्य हासिल करने के लिए विनिर्माण अर्थव्यवस्था बनना होगा। भारत तेजी के साथ इस ओर कदम बढ़ा रहा है।
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धर्मेंद्र प्रधान के पास कौशल विकास और उद्यमिता पोर्टफोलियो भी है। उन्होंने कहा, जब तक भारत एक विनिर्माण अर्थव्यवस्था नहीं बन जाता, तब तक दूसरे देशों से सामान खरीदना जारी रखेगा। पूर्वोदय एक्ट ईस्ट पॉलिसी का एक साधन विषय पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधान ने कहा कि रोजगार मुहैया कराकर पूर्वी क्षेत्र में आर्थिक सशक्तिकरण हासिल किया जाना है।
उन्होंने कहा कि भारत ने न केवल राजनीतिक और कूटनीतिक मोर्चों पर प्रगति की है, बल्कि 140 देशों को कोविड टीके उपलब्ध कराकर अपनी छाप छोड़ी है। कोलकाता की भूमिका की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि यह शहर शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, स्वतंत्रता संग्राम और साहित्यिक क्षेत्र में तेजी के साथ बदलाव किया था।