एडिटर्स गिल्ड (प्रतीकात्मक तस्वीर)
किसान आंदोलन की मीडिया कवरेज पर चिंता व्यक्त करते हुए एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने शुक्रवार को कहा, मीडिया समूह किसानों पर ‘खालिस्तानी’ या ‘देशद्रोही’ का ठप्पा लगाने से बचें।
गिल्ड ने कहा, कुछ मीडिया समूह बिना किसी साक्ष्य के किसानों को खालिस्तानी और देशद्रोही बताकर प्रदर्शन को अवैध करार देने की कोशिश कर रहे हैं। इस तरह की कोशिश जिम्मेदार पत्रकारिता नहीं है। इससे मीडिया की विश्वसनीयता खतरे में आती है। गिल्ड ने मीडिया संगठनों को किसान आंदोलन का निष्पक्ष और संतुलित कवरेज करने की सलाह दी है।
गिल्ड की अध्यक्ष सीमा मुस्तफा ने कहा, मीडिया को प्रदर्शनकारियों के पहनावे और जातीय आधार पर उनके विरोध को कमतर दिखाने की कोई धारणा पेश नहीं करनी चाहिए।