एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने कहा कि वह सूचना प्रौद्योगिकी नियमों में ‘सख्त’ संशोधनों से बहुत चिंतित है। इसमें फर्जी समाचारों को निर्धारित करने का पूरा अधिकार सरकार के पास है। दरअसल इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने बृहस्पतिवार को कहा था कि गूगल, फेसबुक और ट्विटर जैसी इंटरनेट कंपनियां सेफ हार्बर के तहत सुरक्षा खो सकती हैं, अगर वे सरकार द्वारा अधिसूचित तथ्य-जांचकर्ता द्वारा गलत या भ्रामक जानकारी के रूप में पहचान की गई सामग्री को हटाने में विफल रहती हैं।
गिल्ड ने एक बयान में सरकार से सूचना प्रौद्योगिकी संशोधन नियमों को वापस लेने और मीडिया संगठनों व प्रेस निकायों के साथ पहले किए गए वादे के अनुसार परामर्श करने का आग्रह किया।
गिल्ड ने कहा कि नियमों के अनुसार सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) मंत्रालय ने खुद को एक ‘फैक्ट चेक यूनिट’ गठित करने की शक्ति दे दी है, जिसके पास केंद्र सरकार के किसी भी काम के संबंध में फर्जी, गलत या भ्रामक क्या है, यह निर्धारित करने के लिए व्यापक शक्तियां होंगी।
केंद्रीय मंत्री ने विपक्ष के आरोपों को किया खारिज
आईटी संशोधन नियमों के तथ्य-जांच (फैक्ट चेक) प्रावधानों को लेकर आलोचनाओं का सामना कर रहे केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने शुक्रवार को इस आलोचना को जानबूझकर गलत सूचना कहकर खारिज कर दिया।