एआईएडीएमके महासचिव एडप्पादी के पलानीस्वामी ने महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों को लेकर मुख्यमंत्री एमके स्टालिन पर निशाना साधा। इस दौरान उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी 2026 के विधानसभा चुनावों के लिए डीएमके को चुनौती देने और चुनाव जीतने के लिए एक मेगा गठबंधन बनाएगी।
पलानीस्वामी ने रविवार को पार्टी की इलैग्यार्गल-इलम पेंगल पासराई शाखा के एक कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने डीएमके अध्यक्ष स्टालिन के उस दावे पर सवाल उठाया, जिसमें उन्होंने कहा कि राज्य में उनकी पार्टी के नेतृत्व वाले गठबंधन के घटक एक ही विचारधारा के हैं। इस पर पलानीस्वामी ने कहा, 'अगर सभी एक जैसे हैं, तो अलग-अलग पार्टियों की क्या जरूरत है? सभी पार्टियों का डीएमके में विलय किया जा सकता है।'
चुनावी गठबंधन का मकसद चुनाव जीतना और वोटों का विभाजन रोकना
पलानीस्वामी ने स्पष्ट किया कि एआईएडीएमके के संबंध में चुनावी गठबंधन और विचारधारा दो अलग-अलग चीजे हैं। उन्होंने कहा कि चुनावी गठबंधन का मकसद सिर्फ चुनाव जीतना और वोटों के विभाजन को रोकना होता है।
शक्ति का विजयी गठबंधन बनाया जाएगा
पलानीस्वामी ने कहा, '2026 के विधानसभा चुनाव के लिए AIADMK के नेतृत्व में 'शक्ति का विजयी गठबंधन' बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोगों, पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने इस तरह के चुनावी गठबंधन के लिए लड़ाई लड़ी, ताकि AIADMK चुनाव जीतकर अगली सरकार बना सके।'
सीएम स्टालिन के बयान का मजाक उड़ाया
पलानीस्वामी ने मुख्यमंत्री स्टालिन के उस बयान का मजाक उड़ाया, जिसमें उन्होंने कहा था कि युवा उन्हें 'अप्पा' (पिता) कहकर संबोधित करते हैं। इस दौरान AIADMK प्रमुख ने पूछा कि क्या सीएम को यौन उत्पीड़न की शिकार महिलाओं और बच्चों की पुकार सुनाई नहीं देती।
पलानीस्वामी ने डीएमके पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया, क्योंकि पार्टी ने दिवंगत मुख्यमंत्री एम करुणानिधि के डाक टिकट विमोचन समारोह में भाजपा के केंद्रीय मंत्रियों के साथ हिस्सा लिया था। पलानीस्वामी ने दावा किया कि जब से डीएमके इससे जुड़ी है, तब से इंडिया ब्लॉक खस्ताहल में है। उन्होंने आरोप लगाया कि घटक दल इसके प्रति प्रतिबद्ध नहीं हैं।
डीएमके पर अवसरवादी होने का लगाया आरोप
पलानीस्वामी ने डीएमके पर अवसरवादी होने का आरोप लगाया और कहा कि यह पार्टी सत्ता के लिए अपनी विचारधारा बदलती रहती है। उन्होंने याद दिलाया कि डीएमके ने 1999 में भाजपा और कांग्रेस के साथ गठबंधन किया था। उन्होंने कहा कि सीएम स्टालिन के पास AIADMK की आलोचना करने का कोई अधिकार नहीं है।
केंद्र से जरूरी फंड जारी करने की मांग की
इसके अलावा, पलानीस्वामी ने यह भी कहा कि तमिलनाडु केवल तमिल और अंग्रेजी की दो भाषा नीति का पालन करेगा और एआईएडीएमके इस नीति के प्रति प्रतिबद्ध है। उन्होंने केंद्र से राज्य के लिए जरूरी फंड जारी करने की भी मांग की।