लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद गांधी परिवार को एक और झटका लगा है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) नेशनल हेराल्ड मामले में हरियाणा के पंचकूला स्थित 64.93 करोड़ की कीमत वाली संपत्ति को जल्द ही अपने कब्जे में लेगा।
1982 में तत्कालीन सीएम भजनलाल ने यह प्लाट एजेएल को आवंटित किया था। 10 साल तक निर्माण नहीं होने पर हरियाणा अर्बन डेवलपमेंट प्राधिकरण ने वापस ले लिया था। 2005 में मना करने के बावजूद तत्कालीन सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने 1982 की कीमत पर ही प्लाट एजेएल को फिर से आवंटित कर दिया।
ईडी के अनुसार, प्लाट की कीमत 64.93 करोड़ रुपये थी, जबकि हुड्डा ने केवल 59.39 लाख में आवंटित कर दी थी। 3360 वर्गमीटर के इस जमीन पर निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए 2008 से 2012 के बीच तीन बार एजेएल को गलत तरीके से राहत दी गई। एजेएल का कार्य 2014 में जाकर पूरा हुआ। इस मामले में सतर्कता विभाग ने मई 2016 में हुड्डा के खिलाफ मामला दर्ज किया था।