विवादित इस्लामी उपदेशक जाकिर नाईक को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार को मुंबई की एक विशेष अदालत में अर्जी दी है।
नाईक पर 193 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप हैं। मलयेशिया में रह रहे नाईक के खिलाफ दायर इस अर्जी पर कोर्ट 30 सितंबर को सुनवाई करेगा।
पिछले हफ्ते ही अदालत ने 2016 के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में नाईक के खिलाफ नया गैर जमानती वारंट जारी किया था। एजेंसी ने अभी तक नाईक के दो सहयोगियों आमिर गजदार और नजमुद्दीन साथक को गिरफ्तार किया है।
53 वर्षीय नाईक ने 2016 में भारत छोड़ दिया था और मुस्लिम बहुल मलेशिया चला गया था, जहां उसे स्थायी निवास की अनुमति मिल गई।