पश्चिम बंगाल के शिक्षक भर्ती घोटाले के आरोपी मंत्री पार्थ चटर्जी को बड़ा झटका लगा है। उन्हें सोमवार को एयर एंबुलेंस के जरिए AIIMS भुवनेश्वर ले जाया गया है। यहां डॉक्टरों की टीम पार्थ चटर्जी की जांच करेगी और कल दोपहर अपनी रिपोर्ट जांच अधिकारियों को सौंप देगी। चटर्जी के साथ एक डॉक्टर व उनके वकील भी मौजूद हैं।
दरअसल, ईडी की छापेमारी के बाद अदालत ने चटर्जी को रिमांड पर लिए जाने का आदेश दिया था। इसके तुरंत बाद वे कोलकाता के एसएसकेएम अस्पताल में भर्ती हो गए थे। बताया गया था कि उन्हें बेचैनी महसूस हुई थी,जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। इसके बाद ईडी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
हाईकोर्ट ने दिया था एम्स में भर्ती करने का आदेश
ईडी की याचिका के बाद कोलकाता हाईकोर्ट ने पार्थ चटर्जी को एम्स में भर्ती किए जाने का आदेश दिया था। दरअसल, ईडी ने कहा था कि पूछताछ और रिमांड से बचने के लिए पार्थ अस्पताल में भर्ती हुए हैं। इसके बाद कोर्ट ने एम्स भुवनेश्वर के चार सदस्यी डॉक्टरों की टीम गठित कर पार्थ चटर्जी की जांच के आदेश दिए हैं। यह टीम अपनी रिपोर्ट तीन बजे तक सौंपेगी। इसके अलावा एसएसकेएम अस्पताल के डॉक्टरों व वकील को भी अपनी रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।
26 घंटे की पूछताछ के बाद सहयोग नहीं करने पर ईडी ने किया गिरफ्तार
पश्चिम बंगाल की ममता सरकार में काबीना मंत्री और तृणमूल कांग्रेस के महासचिव पार्थ चटर्जी व उनकी करीबी अर्पिता मुखर्जी को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शिक्षक भर्ती घोटाले में गिरफ्तार किया था। घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने पार्थ से शुक्रवार सुबह पूछताछ शुरू की थी। करीब 26 घंटे चली पूछताछ में सहयोग नहीं करने के कारण ईडी ने शनिवार को उन्हें गिरफ्तार किया। 2014-2021 के बीच पार्थ के शिक्षामंत्री रहते हुए यह घोटाला हुआ था। ईडी ने अर्पिता के घर से शुक्रवार को ही 21 करोड़ रुपये बरामद किए थे।