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'मोदी जी व अमित शाह जी के मेहमान आए थे', घर पर ईडी टीम के पहुंचने के बाद पटेल का बयान

Sat, 27 Jun 2020 09:58 PM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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अहमद पटेल (फाइल फोटो) - फोटो : ANI
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का एक दल संदेसरा बंधुओं संबंधी धनशोधन मामले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल का बयान दर्ज करने के लिए शनिवार को उनके दिल्ली स्थित आवास पहुंचा। अधिकारियों ने बताया कि तीन सदस्यीय दल मध्य दिल्ली के 23, मदर टेरेसा क्रीसेंट स्थित पटेल के आवास पहुंच गया है।

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दल धनशोधन रोकथाम कानून (पीएमएलए) के तहत उनके बयान दर्ज करेगा। घर पर ईडी टीम के पहुंचने के बाद अहमद पटेल का बयान आया है। उन्होंने कहा, 'मोदी जी व अमित शाह जी के मेहमान आए थे...वे आए, मुझसे सवाल पूछे और चले गए।'
 

ईडी ने पटेल को इस मामले में पूछताछ के लिए दो बार तलब किया था, लेकिन गुजरात से राज्यसभा के सदस्य पटेल ने वरिष्ठ नागरिकों को घर में ही रहने की सलाह देने वाले कोविड-19 वैश्विक महामारी के दिशा-निर्देशों का हवाला दिया। एजेंसी ने उनके अनुरोध पर सहमति जताई और उन्हें सूचित किया कि वह उनसे पूछताछ के लिए एक जांच अधिकारी को भेजेगी।
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क्या है पूरा मामला
ईडी ने दावा किया है कि संदेसरा भाईयों ने भारतीय बैंकों को नीरव मोदी से कहीं ज्यादा चूना लगाया है। एजेंसी के सूत्रों ने बताया कि जांच में स्टर्लिंग बायोटेक लिमिटेड (एसबीएल) /संदेसरा समूह और इसके मुख्य प्रमोटरों, नितिन संदेसरा, चेतन संदेसरा और दीप्ति संदेसरा ने भारतीय बैंकों में लगभग 14,500 करोड़ रुपये का फर्जीवाड़ा किया। वहीं नीरव मोदी पर पंजाब नेशनल बैंक को 11,400 करोड़ रुपये का चूना लगाने का आरोप है।

विदेशी मुद्रा में कर्ज
जांच अधिकारी का कहना है कि एसबीएल समूह ने भारतीय बैंकों से रुपये के साथ-साथ विदेशी मुद्रा में भी कर्ज लिया था। समूह को आंध्रा बैंक, यूको बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई), इलाहाबाद बैंक और बैंक ऑफ इंडिया (बीओआई) की अगुवाई वाले बैंकों के कंसोर्टियम ने कर्ज दिया था।

जांच के दौरान पता चला कि कर्ज में मिली राशि का इजाजत से इतर प्रयोग किया गया और कुछ राशि को फर्जी देसी-विदेशी संस्थानों के जरिए इधर से उधर हस्तांतरित किया गया। समूह के प्रमुख प्रमोटरों ने कर्ज की रकम को न केवल नाइजीरिया में अपने तेल के कारोबार में लगाया बल्कि इसका निजी उद्देश्य में भी इस्तेमाल किया गया। 27 जून को ईडी ने एसबीएल /संदेसरा समूह की 9,778 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की थी।

अहमद पटेल का बयान 
यदि आप एक विश्लेषण करें, तो आपको पिछले कई वर्षों में एक स्पष्ट पैटर्न दिखाई देगा। हर बार जब राज्यसभा, लोकसभा, विधानसभा चुनाव या सरकार पर संकट आता है, तो एक व्यक्ति के निर्देश पर एक या एक से अधिक जांच एजेंसियां सक्रिय हो जाती हैं।

दुर्भाग्य से, इस बार आर्थिक, स्वास्थ्य और राष्ट्रीय सुरक्षा संकट का प्रबंधन करने में मोदी सरकार की विफलता अब इतनी बड़ी है, कि कोई भी एजेंसी मुद्दों से भटका नहीं सकती है। महामारी और चीन से लड़ने के बजाय, यह सरकार विपक्ष से लड़ने के लिए अधिक उत्सुक है।

बहरहाल, हमारी सोच स्पष्ट है। हमारे पास छुपाने के लिए कुछ भी नहीं है, न ही हम सरकार की विफलताओं और उनके पिछले भ्रष्टाचार की आलोचना और पर्दाफाश करने से डरते हैं।
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