प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को ठग सुकेश चंद्रशेखर को तिहाड़ जेल से स्थानांतरित करने का विरोध भी किया। जस्टिस सीटी रविकुमार और जस्टिस सुधांशु धूलिया की पीठ के समक्ष ईडी की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने ये दलील दीं।
प्रवर्तन निदेशालय ने मंगलवार को ठग सुकेश चंद्रशेखर के खिलाफ झूठी गवाही के लिए मुकदमा चलाने की मांग की। ईडी दावा किया कि उसने अपने हलफनामे में तिहाड़ जेल में उस पर हमले के बारे में झूठा बयान दिया है। इस दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को ठग सुकेश चंद्रशेखर को तिहाड़ जेल से स्थानांतरित करने का विरोध किया। जस्टिस सीटी रविकुमार और जस्टिस सुधांशु धूलिया की पीठ के समक्ष ईडी की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने ये दलील दीं।
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सुनवाई के दौरान उन्होंने ईडी की तरफ से ठग चंद्रशेखर और उनकी पत्नी को तिहाड़ जेल से किसी अन्य जेल में स्थानांतरित करने का विरोध किया। ईडी ने कहा कि किसी अन्य जेल में दोनों की जान को खतरा हो सकता है। ईडी ने बताया कि उनकी सुरक्षा के लिए तमिलनाडु के विशेष पुलिस बल के पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।
इस पर जस्टिस सीटी रवि कुमार और जस्टिस सुधांशु धूलिया की अवकाश पीठ ने कहा कि चूंकि एक अन्य अवकाश पीठ ने आदेश पारित कर उन जेलों के नाम मांगे हैं, जिनमें चंद्रशेखर और उनकी पत्नी को स्थानांतरित किया जा सकता है, इसलिए वह इसकी समीक्षा या संशोधन नहीं कर सकती है।पीठ ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को उन जेलों के नामों की सूची के साथ आने को कहा, जहां सुकेश चंद्रशेखर और उनकी पत्नी का तबादला किया जा सकता है।
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सुनवाई के दौरान चंद्रशेखर की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता आर बसंत ने कहा कि उनके मुवक्किल को जेल कर्मचारियों से लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं और उनसे सुरक्षा के पैसे मांगे जा रहे हैं। इस पर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने उन्हें तमिलनाडु विशेष पुलिस बल द्वारा चौबीसों घंटे सुरक्षा में रखा जाता है। जस्टिस सीटी रविकुमार और जस्टिस सुधांशु धूलिया की पीठ ने इस मामले में अगली सुनवाई के लिए 23 जून की तारीख तय की है।