फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gold Smuggling Case: स्वप्ना सुरेश ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, सोना तस्करी की सीबीआई जांच की मांग  

Tue, 21 Jun 2022 08:54 PM IST
Amit Mandal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम

सार

स्वप्ना ने हाल ही में मीडिया के सामने कुछ खुलासे किए थे जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि विजयन, उनके परिवार के सदस्य और एलडीएफ विधायक के टी जलील तस्करी के मामले में शामिल हैं।
विज्ञापन
स्वपना सुरेश और सीएम विजयन - फोटो : Twitter
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राजनयिक माध्यम से सोने की तस्करी में मुख्य आरोपी स्वप्ना सुरेश ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि चूंकि राज्य सरकार के अधिकारी खुद प्रमुख संदिग्ध हैं, इसलिए सच्चाई का पता लगाने के लिए सीबीआई जांच जरूरी है। प्रधानमंत्री को लिखे अपने पत्र में उन्होंने अपनी शिकायतें रखने के लिए उनसे व्यक्तिगत रूप से मिलने का अवसर देने का भी अनुरोध किया।

विज्ञापन


पत्र में कहा, सीबीआई जांच जरूरी
हाईरेंज रूरल डेवलपमेंट सोसाइटी (एचआरडीएस) इंडिया के लेटरहेड पर लिखे अपने पत्र में स्वप्ना ने कहा है, सच्चाई का पता लगाने के लिए सीबीआई जांच जरूरी है। यह उचित होगा अगर केरल सरकार इस मामले में हस्तक्षेप न करे क्योंकि सरकारी अधिकारी खुद प्रमुख संदिग्ध हैं। बल्कि, भारत की अदालत को इस मामले में न्याय प्रदान करना चाहिए। इसलिए, कृपया केरल सरकार के खिलाफ उचित कार्रवाई करें। 

इस बीच, माकपा के राज्य सचिव कोडियेरी बालकृष्णन ने आरोप लगाया कि स्वप्ना सुरेश केंद्रीय एजेंसियों के हाथों की कठपुतली बन गया है। तिरुवनंतपुरम में एक जनसभा में बोलते हुए उन्होंने दावा किया कि उन्होंने जो आरोप लगाया है उसका वास्तविक तथ्यों से कोई संबंध नहीं है और वह केवल वही दोहरा रही हैं जो पहले भी कहा गया है। उन्होंने आगे दावा किया कि भाजपा और कांग्रेस दोनों केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की छवि खराब करने के लिए एक शातिर अभियान चला रहे हैं।
विज्ञापन


स्वप्ना ने हाल ही में मीडिया के सामने कुछ खुलासे किए थे जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि विजयन, उनके परिवार के सदस्य और एलडीएफ विधायक के टी जलील तस्करी के मामले में शामिल हैं। इसने राज्य में राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया था। स्वप्ना ने मीडिया के सामने दावा किया था कि उसने आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 164 के तहत अदालत के समक्ष अपने बयान में इसे दर्ज किया था।
विज्ञापन

 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें