2,000 करोड़ रुपये के विदेशी मुद्रा कानून उल्लंघन (फेमा) मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को मनोरंजन कंपनी इरोस इंटरनेशनल मीडिया लिमिटेड और उसकी कुछ संबद्ध संस्थाओं के खिलाफ छापेमारी की। यह कार्रवाई 5 फरवरी को मुंबई में पांच स्थानों पर की गई।
फंड डायवर्जन मामले में जांच
मामले में ईडी ने बताया कि यह छापेमारी इरोस इंटरनेशनल मीडिया लिमिटेड और उसके समूह की अन्य संस्थाओं द्वारा कथित "फंड डायवर्जन" के मामले में चल रही जांच का हिस्सा थी। छापेमारी में विदेशी संस्थाओं, अचल संपत्तियों, विदेशी बैंक खातों और डिजिटल उपकरणों से संबंधित अपराधी दस्तावेज जब्त किए गए।
साथ ही जांच एजेंसी ने बताया कि यह जांच इरोस समूह और उसके प्रमोटरों के खिलाफ सेबी द्वारा की गई जांच के आधार पर शुरू की गई थी, जिसमें वित्तीय विवरणों के गलत होने और लगभग 2,000 करोड़ रुपये के फंड के डायवर्जन या हेफनिंग के आरोप लगाए गए थे।
कंपनी ने पैसे वापस कर राउंड-ट्रिप किया
ईडी ने कहा कि इरोस ने 2012-13 और 2020-21 के बीच कुछ संस्थाओं को सामग्री अग्रिम के रूप में लगभग 2,000 करोड़ रुपये का भुगतान किया। कंपनी ने इन पैसों को COVID-19 महामारी का बहाना बना कर वापस कर दिया या राउंड-ट्रिप किया। एजेंसी के अनुसार, इन लेन-देन को छुपाने के लिए काल्पनिक मूवी अधिकारों की खरीद का इस्तेमाल किया गया।