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ईडी: अरुणाचल में लाडा-सारली फ्रंटियर हाईवे प्रोजेक्ट में धांधली, 32.45 करोड़ का हिसाब नहीं; इतनी संपत्ति जब्त

Fri, 06 Nov 2026 07:48 PM IST
पवन पांडेय डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

ईडी ने अरुणाचल प्रदेश में लाडा-सारली फ्रंटियर हाईवे परियोजना में भूमि अधिग्रहण मुआवजे में कथित अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 3.30 करोड़ रुपये की तीन अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से जब्त की हैं। इसके साथ ही मामले में कुल जब्ती 5.99 करोड़ रुपये हो गई है। जांच में करीब 109.65 करोड़ रुपये के मुआवजा वितरण में अनियमितताओं और 32.45 करोड़ रुपये का हिसाब नहीं मिलने का खुलासा हुआ है।
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ईडी ने शुक्रवार को 'लाडा-सारली फ्रंटियर हाईवे प्रोजेक्ट' मामले में 3.30 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त किया है। इस मामले में अभी तक कुल जब्ती 5.99 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के ईटानगर उप-क्षेत्रीय कार्यालय ने 'प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट' 2002 के तहत 3.30 करोड़ रुपये की तीन अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त किया है। यह कार्रवाई चीन सीमा से लगते अरुणाचल प्रदेश में 'लाडा-सारली फ्रंटियर हाईवे प्रोजेक्ट' के तहत भूमि अधिग्रहण मुआवजे के मूल्यांकन और वितरण में कथित अनियमितताओं के संबंध में की गई है। 
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ईडी के मुताबिक, जब्त की गई संपत्तियों में पापुम पारे जिले के चेसा गांव में लगभग 4,800 वर्ग मीटर जमीन और एक फार्महाउस (मूल्य 1.90 करोड़ रुपये), जो सेनिया यांगफो के नाम पर है, ईटानगर की दरिया हिल्स में लगभग 3,000 वर्ग मीटर जमीन (मूल्य 91 लाख रुपये), जो कांगो पोर्डुंग के नाम पर है और पूर्वी कामेंग जिले के बेयोंग गांव के अंतर्गत पाया मायो में लगभग 31,500 वर्ग मीटर की एक अचल संपत्ति (49.25 लाख रुपये तक की राशि के लिए), जो कांगो पोर्डुंग के नाम पर है।

ईडी ने यह जांच ईटानगर के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। इस एफआईआर में कई सरकारी अधिकारियों और निजी लाभार्थियों पर आरोप लगाया गया था कि उन्होंने 'लाडा-सारली फ्रंटियर हाईवे प्रोजेक्ट' के पैकेज-4 और पैकेज-5 के तहत लगभग 109.65 करोड़ रुपये के भूमि अधिग्रहण मुआवजे के मूल्यांकन, मंजूरी और वितरण में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं कीं। सार्वजनिक धन का दुरुपयोग किया गया। इसमें से लगभग 32.45 करोड़ रुपये का कोई हिसाब नहीं मिला है। चोये किलो और कांगो पोर्डुंग उन लाभार्थियों में शामिल थे, जिन्हें इस परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण का मुआवजा मिला था।
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ईडी की जांच से पता चला है कि चोये किलो को मिले 2.36 करोड़ रुपये के मुआवजे में से लगभग 2.03 करोड़ रुपये अतिरिक्त या अपात्र मुआवजा था। इसी तरह, कोंगो पोर्डुंग को मिले मुआवजे में से लगभग 1.40 करोड़ रुपये भी अतिरिक्त या अपात्र थे। पाई गई गड़बड़ियों में 'चेनेज' (दूरी) और प्रभावित क्षेत्र, जमीन के मालिकाना हक, तथा संरचनाओं, पेड़-पौधों और मुआवजे के दायरे में आने वाली अन्य संपत्तियों की प्रकृति और मात्रा में बदलाव शामिल हैं।

जांच में मुआवजे की रकम से खरीदी गई संपत्तियों तक पैसों के लेन-देन (मनी ट्रेल) का सीधा और स्पष्ट सुराग मिला है। मुआवजा मिलने के एक दिन के भीतर ही, चोये किलो ने 2.01 करोड़ रुपये सेनिया यांगफो को ट्रांसफर कर दिए। सेनिया यांगफो ने इसमें से 1.90 करोड़ रुपये का इस्तेमाल 'चेसा गांव' की संपत्ति खरीदने के लिए किया। इसी तरह, कोंगो पोर्डुंग ने मुआवजा मिलने के अगले ही दिन 91 लाख रुपये 'दरिया हिल्स' की संपत्ति खरीदने के लिए ट्रांसफर किए।

बाकी बचे लगभग 49.25 लाख रुपये निकाल लिए गए, ट्रांसफर कर दिए गए या किसी अन्य तरीके से इस्तेमाल कर लिए गए, जो अब अपने मूल रूप में मौजूद नहीं हैं। इसलिए, 'पाया मायो' में स्थित उनकी संपत्ति को, अपराध से प्राप्त रकम के बराबर मूल्य की संपत्ति मानते हुए, उसी हद तक जब्त (अटैच) कर लिया गया है। इससे पहले, ईडी ने इसी मामले में न्याकपो यांगफो की 2.69 करोड़ रुपये मूल्य की दो अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त किया था। इस नई कार्रवाई के साथ, इस मामले में अस्थायी रूप से जब्त की गई अचल संपत्तियों का कुल मूल्य लगभग 5.99 करोड़ रुपये हो गया है।
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