प्रवर्तन निदेशालय ने बुधवार को बताया कि उसने सिक्किम मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में कथित धोखाधड़ी के संबंध में मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया है औऱ सिक्किम, कोलकाता, मुंबई और दिल्ली के कई ठिकानों पर छापेमारी की है।
दिल्ली-मुंबई के स्टॉक ब्रोकरों के परिसरों की तलाशी
ईडी ने एक बयान में कहा कि दिल्ली और मुंबई में विभिन्न स्टॉक ब्रोकरों के परिसरों की भी तलाशी ली गई, जहां सिक्किम के कई "फर्जी" व्यापारी पंजीकृत हैं। ऐसे व्यापारियों से संबंधित आपत्तिजनक साक्ष्य बरामद किए गए।
ईडी ने फ्रीज किए ब्रोकरों के बैंक खाते
ईडी के मुताबिक, लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनर्स (एलएलपी) के कई परिसर हैं जिन्हें कोलकाता और दिल्ली में एमसीएक्स और एनएसआई में ट्रेडिंग करने वाले ब्रोकरों द्वारा नियंत्रित किया जाता था। अवैध रूप से स्टांप शुल्क में छूट का लाभ उठाकर कमाने वाले ब्रोकरों के बैंक खाते फ्रीज कर दिए गए हैं। इन खातों में 4.65 करोड़ रुपये मौजूद थे।
गंगटोक निवासी की शिकायत पर दर्ज हुई थी एफआईआर
मनी लॉन्ड्रिंग का मामला सिक्किम पुलिस की इंटेलीजेंस यूनिट की प्राथमिकी से सामने आया है जो गंगटोक निवासी व्यक्ति की शिकायत के आधार पर 17 मई को अज्ञात व्यक्तियों और कंपनियों के खिलाफ दर्ज की गई थी।
एफआईआर में लगाया गया था ये आरोप
प्राथमिकी में आरोप लगाया गया था कि सिक्किम के एमसीएक्स व्यापार में अनुपातहीन डाटा अत्यधिक संदिग्ध है और भारत के अन्य राज्यों के कुछ एलएलपी कंपनियां और निजी व्यक्ति/व्यापारी उच्च आवृत्ति एमसीएक्स व्यापार कर रहे हैं या सिक्किम के निवासियों की पहचान का उपयोग कर रहे हैं या सिक्किम के सह-स्थान का अवैध रूप से उपयोग कर रहे हैं।