फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ED: 4 साल से फरार 'लाल चंदन का तस्कर' 'जाफर' पकड़ा गया, लोहे की जगह पर यूं 'चंदन' को पहुंचाता था 'दुबई'

Mon, 26 May 2025 06:21 PM IST
राहुल कुमार डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

'अब्दुल जाफर', चार साल से फरार चल रहा था। जांच एजेंसी ने पिछले सप्ताह चेन्नई के दो परिसरों में छापे मारे थे। ये दोनों परिसर, अब्दुल जाफर से जुड़े थे। उसने 'लाल चंदन' की तस्करी के लिए अपना एक सिंडिकेट तैयार कर रखा था।
विज्ञापन
ईडी की कार्रवाई - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), नागपुर उप-क्षेत्रीय कार्यालय ने चार वर्ष से फरार चल रहा 'लाल चंदन' का तस्कर 'अब्दुल जाफर' को धर दबोचा है। चंदन को दुबई तक पहुंचाने के लिए जाफर ने एक नया तरीका खोजा था। इसके लिए उसने बाकायदा एक सिंडिकेट खड़ा कर लिया था। सिंडिकेट के प्रभाव से लाल चंदन, दुबई पहुंचने लगा। वह दुबई के लिए जो माल बुक करवाता था, उस कंटेनर में सिंडिकेट की मदद से लाल चंदन रखवा देता था। चूंकि हर जगह उसकी सेटिंग थी तो उसका 'लाल चंदन', स्पंज आयरन के बॉक्स में दुबई तक पहुंच जाता था। आरोपी ने इस तरह 'अपराध की आय' से भूमि, भवन, फ्लैट और महंगे वाहन खरीद लिए थे। 
विज्ञापन


ईडी के मुताबिक, 'अब्दुल जाफर', चार साल से फरार चल रहा था। जांच एजेंसी ने पिछले सप्ताह चेन्नई के दो परिसरों में छापे मारे थे। ये दोनों परिसर, अब्दुल जाफर से जुड़े थे। उसने 'लाल चंदन' की तस्करी के लिए अपना एक सिंडिकेट तैयार कर रखा था। उसके प्रभाव के माध्यम से प्रतिष्ठित संस्थाओं द्वारा निर्यात किए जा रहे घोषित माल को लाल चंदन से बदला जाता था। इस तरह से बड़े पैमाने पर दुबई में लाल चंदन की खेप पहुंचती थी। ईडी के तलाशी अभियान में आरोपी द्वारा अपराध की आय से अर्जित भूमि, भवन, फ्लैट और महंगे वाहनों के रूप में कई संपत्तियों का पता चला है। 

इनकी कीमत, जिसमें कई आपत्तिजनक सामग्री भी शामिल हैं, करोड़ों रुपये बताई गई है। तलाशी अभियान के दौरान अब्दुल जाफर को पकड़ा गया है। पिछले 4 साल से फरार चल रहा जाफर, न्यायिक कार्यवाही की जानबूझकर अवहेलना करते हुए कई समन जारी करने के बावजूद पेश नहीं हो रहा था। उसे चेन्नई के एलडी. क्षेत्राधिकार न्यायालय द्वारा जारी ट्रांजिट रिमांड के तहत नागपुर लाया गया। उसके बाद, आरोपी को विशेष न्यायालय (पीएमएलए), नागपुर के समक्ष पेश किया गया। न्यायालय ने उसे 28 मई तक ईडी की हिरासत में भेज दिया है। ईडी ने अब्दुल जाफर और अन्य के खिलाफ सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 की धारा 135 के तहत डीआरआई, नागपुर द्वारा दायर अभियोजन शिकायत के आधार पर जांच शुरू की थी। 
विज्ञापन


ईडी की जांच से पता चला कि उसने घोषित माल यानी स्पंज आयरन को बदलने के लिए दुबई में लाल चंदन की कुल 13 खेपों की तस्करी की थी। इसे रायपुर स्थित एक इकाई द्वारा निर्यात किया जा रहा था। तस्करी किए गए लाल चंदन की कुल कीमत 68.00 करोड़ रुपये (लगभग) आंकी गई है, जिसमें एक खेप शामिल नहीं है। यह वह खेप है, जिसे डीआरआई ने तब जब्त किया था, जब इसकी तस्करी करने का प्रयास किया जा रहा था। जांच से यह भी पता चला कि जाफर का नाम लाल चंदन की तस्करी के कई अन्य मामलों में भी सामने आया था। उन मामलों की जांच डीआरआई की अन्य इकाई द्वारा की गई थी। उसमें कहा गया कि वह लाल चंदन की तस्करी में एक आदतन अपराधी है।
विज्ञापन


 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें