ईडी मुंबई ने मीठी नदी डिसिल्टिंग घोटाला मामले में मुंबई, कोच्चि और त्रिशूर में कुल 18 जगहों पर छापेमारी की है। एजेंसी ने इन जगहों से कई डिजिटल उपकरण, आपत्तिजनक दस्तावेज और सात लाख रुपये की नकदी जब्त की है। इसके अलावा, 22 बैंक खाते, फिक्स्ड डिपॉजिट और एक डीमैट खाते को फ्रीज कर दिया गया है।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) मुंबई ने मीठी नदी डिसिल्टिंग घोटाला मामले में महाराष्ट्र और केरल में 18 जगहों पर छापेमारी की। छापेमारी के दौरान ईडी ने कई डिजिटल उपकरण, आपत्तिजनक दस्तावेज और सात लाख रुपये की नकदी जब्त की है। इस मामले में अब कुल 1.25 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त/फ्रीज की गई है।
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ईडी ने शुक्रवार को मुंबई, कोच्ची और त्रिशूर में घोटाले से जुड़े लोगों के कार्यालय और आवासीय परिसर में कुछ 18 जगहों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) 2002 के तहत की गई।
ईडी ने इन जगहों पर की छापेमारी
ईडी ने जिन लोगों के कार्यालयों और परिसरों में छापेमारी की है, उनमें बीएमसी इंजीनियर प्रशांत रामगुडे, बीएमसी ठेकेदार भूपेंद्र पुरोहित, मैटप्रॉप टेक्निकल सर्विस प्राइवेट लिमिटेड, वर्गो स्पेशलिटीज प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक जय जोशी, वोडर इंडिया एलएलपी के नियंत्रक केतन कदम और केतन कदम के सहयोगी सैंटिनो रोक्को मोरिया व डिनो मोरिया शामिल हैं।
छापेमारी के दौरान जब्त किए आपत्तिजनक दस्तावेज
छापेमारी के दौरान ईडी ने घोटाले से जुड़े कई डिजिटल उपकरण, आपत्तिजनक दस्तावेज और सात लाख रुपये की नकदी जब्त की है। इसके अलावा, एजेंसी ने 22 बैंक खाते, फिक्स्ड डिपॉजिट और एक डीमैट खाते को फ्रीज कर दिया है। इस मामले में अब तक कुल 1.25 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त या फ्रीज की गई है।