साल 2010 में कर्नाटक लोकायुक्त ने इस मामले की जांच शुरू की थी। जिसमें बेल्लारी से बेलेकेरी बंदरगाह तक लगभग आठ लाख टन अवैध रूप से ले जाए गए लौह अयस्क का पता चला था।
प्रवर्तन निदेशालय ने बुधवार को कर्नाटक से कांग्रेस विधायक सतीश कृष्ण सैल और कुछ अन्य लोगों से जुड़े परिसरों पर छापेमारी की। यह छापेमारी लौह अयस्क के कथित अवैध निर्यात और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच से जुड़ी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत कर्नाटक, गोवा और मुंबई में कम से कम 15 ठिकानों पर छापा मारा गया।
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सैकड़ों करोड़ रुपये की हो सकती है धांधली
सतीश कृष्ण सैल उत्तर कन्नड़ जिले की कारवार विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक हैं। सैल पर अवैध रूप से खनन किए गए लौह अयस्क के निर्यात का आरोप है, इससे सरकारी खजाने को लगभग 38 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ, लेकिन अनुमान है कि अवैध रूप से निर्यात किए गए लौह अयस्क का असल मूल्य सैकड़ों करोड़ रुपये में हो सकता है।
साल 2010 में कर्नाटक लोकायुक्त ने इस मामले की जांच शुरू की थी। जिसमें बेल्लारी से बेलेकेरी बंदरगाह तक लगभग आठ लाख टन अवैध रूप से ले जाए गए लौह अयस्क का पता चला था। एक विशेष अदालत ने बेलेकेरी बंदरगाह से लौह अयस्क के अवैध निर्यात से संबंधित कई मामलों में सैल और अन्य को दोषी पाया था। कर्नाटक उच्च न्यायालय ने पिछले साल इस मामले में विधायक की सात साल की जेल की सजा को निलंबित करने का आदेश दिया था।