महादेव बेटिंग एप मामले को लेकर देश में प्रवर्तन निदेशालय की ताबड़तोड़ कार्रवाई जारी है। इस बीच ईडी बुधवार को मामले में दिल्ली, मुंबई, चंडीगढ़, अहमदाबाद, इंदौर, जयपुर, चेन्नई और संबलपुर में लगभग 15 स्थानों पर छापेमारी कर रही है।
कर्नाटक भोवी विकास निगम मामले में ईडी ने की दूसरी गिरफ्तारी
इस बीच प्रवर्तन निदेशालय ने कर्नाटक के भोवी विकास निगम (केबीडीसी) में कथित अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दूसरी गिरफ्तारी की है। यह निगम राज्य सरकार का एक विभाग है, जो भोवी समुदाय के कल्याण के लिए है, जो कर्नाटक की अनुसूचित जाति सूची में शामिल है। संघीय जांच एजेंसी ने एक बयान में कहा कि केबीडीसी की पूर्व प्रबंध निदेशक आर लीलावती को 12 अप्रैल को हिरासत में लिया गया था। उन्हें बंगलूरू में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के विशेष न्यायालय के समक्ष पेश किया गया और ईडी की हिरासत में भेज दिया गया।
ईडी ने इस मामले में इस महीने की शुरुआत में तलाशी ली और अपनी पहली गिरफ्तारी केबीडीसी के पूर्व महाप्रबंधक बीके नागराजप्पा के रूप में की। वह भी वर्तमान में एजेंसी की हिरासत में हैं। ईडी ने दावा किया कि लीलावती ने नागराजप्पा, सुब्बाप्पा (केबीडीसी के तत्कालीन अधीक्षक) और अन्य जैसे अन्य संदिग्धों या आरोपियों के साथ मिलीभगत करके फर्जी संस्थाओं के नाम पर धोखाधड़ी से बैंक खाते बनाकर केबीडीसी से धन के हस्तांतरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मनी लॉन्ड्रिंग का मामला कर्नाटक पुलिस की ओर से केबीडीसी से 97 करोड़ रुपये के धन के दुरुपयोग और डायवर्जन के आरोपों पर दर्ज की गई कई एफआईआर से सामने आया है।