ईडी ने बताया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, उनके सहयोगियों और राज्य पुलिस कर्मियों ने जबरन दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जब्त कर लिए।उपरोक्त कार्रवाइयों के चलते जांच और कार्यवाही में बाधा पैदा हुई। यह स्पष्ट किया जाता है कि तलाशी साक्ष्य आधारित है और किसी भी राजनीतिक प्रतिष्ठान को लक्षित नहीं करती है।
प्रवर्तन निदेशालय ने गुरुवार को 6 राज्यों में 15 जगहों पर छापेमारी की। ईडी की ओर से बताया गया कि सीबीआई कोलकाता की ओर से अनूप मजी और अन्य के विरुद्ध दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। इस मामले में ईडी ने 2020 में एक नया मामला दर्ज किया था।जांच के दौरान यह पता चला कि अनूप मजी के नेतृत्व वाला कोयला तस्करी गिरोह पश्चिम बंगाल के ईसीएल लीजहोल्ड क्षेत्रों से कोयला चुराकर अवैध रूप से उसका खनन करता था।
विज्ञापन
ईडी ने बताया कि कोयरा तस्करी कर बांकुरा, बर्धमान, पुरुलिया और पश्चिम बंगाल के अन्य जिलों में स्थित अलग-अलग कारखानों में बेचा जाता था। जांच में पता चला कि इस कोयले का एक बड़ा हिस्सा शाकंभरी ग्रुप ऑफ कंपनीज को बेचा गया था। जांच में हवाला ऑपरेटरों से भी संबंध सामने आए। विभिन्न व्यक्तियों के बयानों सहित कई सबूतों ने हवाला गिरोह के गठजोड़ की पुष्टि की।
जांच में पता चला कि कोयला तस्करी से मिले धन को छिपाने में शामिल एक हवाला ऑपरेटर ने इंडियन पैसिफिक कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड को करोड़ों रुपये के लेनदेन में मदद की थी। कोयला तस्करी से मिले धन को जुटाने में शामिल व्यक्तियों, हवाला ऑपरेटरों और हैंडलरों को 8 जनवरी, 2026 को पीएमएलए के तहत तलाशी अभियान में शामिल किया गया। आईपीएसी भी हवाला के धन से जुड़ी संस्थाओं में से एक है।
विज्ञापन
ईडी की गुरुवार को की गई कार्रवाई में पश्चिम बंगाल के 6 और दिल्ली के 4 परिसरों को शामिल किया गया। तलाशी के दौरान दक्षिण कोलकाता के पुलिस उपायुक्त और सरानी पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी अपने एक साथी के साथ अधिकारियों की पहचान सत्यापित करने के लिए एक परिसर में पहुंचे। कुछ ही समय बाद कोलकाता पुलिस आयुक्त भी कोलकाता पुलिस के कई अधिकारियों के साथ परिसर में दाखिल हुए। अधिकृत अधिकारी ने उन्हें कार्यवाही के बारे में जानकारी दी और अपना पहचान पत्र भी दिखाया।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारियों के आने तक कार्यवाही शांतिपूर्ण और पेशेवर तरीके से चल रही थी। ममता बनर्जी प्रतीक जैन के आवासीय परिसर में दाखिल हुईं और भौतिक दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों सहित महत्वपूर्ण साक्ष्य अपने साथ ले गईं।