छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पीएमएलए, 2002 के तहत 13 ठिकानों पर रेड की है। जांच एजेंसी ने तलाशी अभियान के दौरान लगभग 5.39 करोड़ रुपये नकद और सोना जब्त किया है। रेड वाले परिसर, शराब व्यापारियों, चार्टर्ड अकाउंटेंटों, व्यवसायियों और कॉर्पोरेट संस्थाओं से संबंधित हैं। इन पर उक्त घोटाले से प्राप्त अपराध की आय को प्राप्त करने, संभालने या छुपाने का संदेह है। लगभग 2883 करोड़ रुपये की आपराधिक आय वाले इस घोटाले में पूर्व सीएम के पुत्र, एक आईएएस, सीएसएमसीएल के तत्कालीन एमडी और आबकारी आयुक्त सहित कई अफसर गिरफ्तार हो चुके हैं।
ईडी ने छापेमारी में की जब्ती
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), रायपुर क्षेत्रीय कार्यालय ने छत्तीसगढ़ शराब घोटाले की चल रही जांच के सिलसिले में धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 (पीएमएलए) की धारा 17 के तहत रायपुर, दुर्ग/भिलाई और बिलासपुर जिले में छापेमारी की है। तलाशी के दौरान, आपत्तिजनक नकदी और कीमती सामान जब्त किया गया है। इसमें 53 लाख रुपये नकद और लगभग 3.234 किलोग्राम सोने के आभूषण (लगभग 4.86 करोड़ रुपये मूल्य के) की जब्ती शामिल है। कुल जब्ती लगभग 5.39 करोड़ रुपये की बताई गई है। आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल उपकरण/डेटा भी बरामद किया गया है, जिनका विश्लेषण किया जा रहा है। ईडी ने आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू)/भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो (एसीबी), रायपुर द्वारा दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर पीएमएलए, 2002 के तहत छत्तीसगढ़ शराब घोटाले की जांच शुरु की है।
जांच में 2019-2022 की अवधि के दौरान छत्तीसगढ़ राज्य में शराब की खरीद, लाइसेंसिंग और बिक्री में अवैध कमीशन की उगाही के लिए राजनीतिक अधिकारियों, वरिष्ठ नौकरशाहों, शराब बनाने वालों, एफएल-10ए लाइसेंसधारियों और उनके सहयोगियों की संलिप्तता वाली एक व्यवस्थित और सुनियोजित आपराधिक साजिश का खुलासा हुआ है। ईओडब्ल्यू/एसीबी ने अपने आरोपपत्रों में अब तक इस घोटाले के माध्यम से अर्जित अपराध की कुल धनराशि लगभग 2,883 करोड़ रुपये आंकी है।
मामले में अभी तक 9 गिरफ्तार
जांच के दौरान, ईडी ने पीएमएलए, 2002 की धारा 19 के तहत अब तक 9 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी, सीएसएमसीएल के तत्कालीन एमडी, तत्कालीन आबकारी आयुक्त, तत्कालीन आबकारी मंत्री, तत्कालीन मुख्यमंत्री के पुत्र और तत्कालीन मुख्यमंत्री के उप सचिव सहित अन्य लोग शामिल हैं। जांच कई पहलुओं पर आगे बढ़ी है, जिनमें शराब बनाने वाले, नकदी संभालने वाले, हवाला के बिचौलिए, एफएल-10ए लाइसेंसधारक और राजनीतिक सहयोगी शामिल हैं।
ईडी ने अब तक पीएमएलए, 2002 की धारा 5 के तहत छह अस्थायी कुर्की आदेश (पीएओ) जारी किए हैं, जिनमें लगभग 380 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल चल और अचल संपत्तियों को कुर्क किया गया है। कुर्क की गई संपत्तियों में आवासीय और व्यावसायिक अचल संपत्ति, बैंक बैलेंस, वाहन, आभूषण और शेयर शामिल हैं। ये विभिन्न आरोपी व्यक्तियों और उनकी बेनामी संस्थाओं से संबंधित हैं। पीएमएलए, नई दिल्ली के न्याय निर्णायक प्राधिकरण ने कई मामलों में कुर्की की पुष्टि की है। अब तक, ईडी ने पीएमएलए, 2002 की धारा 5 के तहत छह अस्थायी कुर्की आदेश (पीएओ) जारी किए हैं, जिनमें लगभग 380 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल चल और अचल संपत्तियों को कुर्क किया गया है।
ईडी ने रायपुर स्थित पीएमएलए मामलों की विशेष अदालत में 81 आरोपियों और संस्थाओं के खिलाफ छह अभियोग शिकायतें भी दायर की हैं। इन मामलों पर विशेष अदालत, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय और भारत के सर्वोच्च न्यायालय में सक्रिय रूप से बहस चल रही है। वर्तमान तलाशी अभियान में और भी पुख्ता सबूत मिले हैं। जांच एजेंसी द्वारा कानून के अनुसार कुर्की, अभियोग शिकायतें और पीएमएलए के तहत अन्य कार्यवाही की जाएगी।