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Great Nicobar: 'ग्रेट निकोबार पर राहुल के सवालों से डरी सरकार', कांग्रेस ने दावों के बीच कहा- सदन में हो चर्चा

Sun, 03 May 2026 01:42 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट को लेकर कांग्रेस ने मोदी सरकार पर जोरदार हमला बोला है। कांग्रेस का दावा है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के 28 अप्रैल 2026 के दौरे से सरकार घबरा गई है और डैमेज कंट्रोल में जुट गई है। पार्टी ने पर्यावरण, आदिवासी अधिकारों और पारदर्शिता के मुद्दे उठाते हुए इस पूरी परियोजना पर संसद में विस्तार से चर्चा कराने की मांग की है। आइए, विस्तार से पूरे मामले को जानते हैं...
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कांग्रेस नेता जयराम रमेश - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट को लेकर कांग्रेस ने मोदी सरकार पर जोरदार हमला बोला है। कांग्रेस का दावा है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के 28 अप्रैल 2026 के दौरे से सरकार घबरा गई है और डैमेज कंट्रोल में जुट गई है। पार्टी ने पर्यावरण, आदिवासी अधिकारों और पारदर्शिता के मुद्दे उठाते हुए इस पूरी परियोजना पर संसद में विस्तार से चर्चा कराने की मांग की है।

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ग्रेट निकोबार द्वीप विकास परियोजना को लेकर देश की राजनीति अचानक गरमा गई है। मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने इस प्रोजेक्ट के बहाने केंद्र की मोदी सरकार पर बहुत तीखा हमला बोला है। कांग्रेस का सीधा आरोप है कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के हालिया ग्रेट निकोबार दौरे के बाद से सरकार पूरी तरह से घबरा गई है। पार्टी का कहना है कि सरकार अब अपनी कमियां छिपाने और डैमेज कंट्रोल करने की कोशिश कर रही है।

कांग्रेस ने ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट पर क्या अहम मांग की है?
कांग्रेस ने रविवार को इस प्रोजेक्ट को लेकर पर्यावरण, आदिवासियों के अधिकार, पारदर्शिता और सुरक्षा से जुड़ी कई बड़ी चिंताएं जाहिर की हैं। पार्टी ने बहुत सख्ती से कहा है कि इन सभी अहम मुद्दों पर संसद के एक मंच पर विस्तार से बहस होनी चाहिए।नकांग्रेस का मानना है कि यह विकास योजना देश की सुरक्षा और पर्यावरण के लिहाज से बहुत संवेदनशील है। पार्टी चाहती है कि देश की जनता को पता चले कि इस विकास योजना से प्रकृति और स्थानीय लोगों को कितना नुकसान होने वाला है।
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जयराम रमेश ने राहुल गांधी के दौरे पर क्या दावा किया?
 

  • कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि 28 अप्रैल 2026 को राहुल गांधी ने ग्रेट निकोबार का एक बहुत ही असरदार दौरा किया था।
  • इस दौरे के बाद सरकार घबरा गई और तीन दिन बाद 1 मई 2026 को आनन-फानन में एक प्रेस नोट जारी कर दिया।
  • रमेश का आरोप है कि सरकार ऐसा करके आने वाली बड़ी 'पर्यावरणीय तबाही' से लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।
  • उन्होंने 1 मई के सरकारी प्रेस नोट का एक बहुत ही विस्तृत और कड़ा जवाब भी अपनी तरफ से सार्वजनिक रूप से साझा किया है।



जयराम रमेश ने सरकार से क्या सवाल पूछे?
 

  • जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए मोदी सरकार की नीयत पर सीधे सवाल उठाए हैं।
  • उन्होंने लिखा कि राहुल गांधी के दौरे से बौखलाई सरकार ने अचानक इस बड़े प्रोजेक्ट पर एक प्रेस रिलीज जारी कर दी।
  • उनका कहना है कि सरकार असल मुद्दों से भाग रही है और पूरी तरह से डैमेज कंट्रोल की मुद्रा में आ गई है।
  • उन्होंने इस मामले में पूरी पारदर्शिता बरतने और संसद के भीतर सरकार की जवाबदेही तय करने की पुरजोर मांग की है।


सरकार के प्रेस नोट पर क्या बोली कांग्रेस?
कांग्रेस का कहना है कि सरकार के प्रेस नोट में स्थानीय लोगों की असली समस्याओं पर कोई भी ठोस बात नहीं की गई है। इस प्रोजेक्ट से प्रभावित होने वाले स्थानीय समुदायों और आदिवासियों की गंभीर चिंताओं को सरकार ने अनसुना कर दिया है। पर्यावरण बचाने वाले लोगों (पर्यावरणविदों), मानव विज्ञानियों और शिक्षाविदों ने जो भी सवाल उठाए थे, उनका कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया है। नागरिक समाज (सिविल सोसाइटी) की आवाजों को भी सरकार ने अपने स्पष्टीकरण में शामिल करने से पूरी तरह परहेज किया है।

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