कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की नागरिकता पर सवाल उठाने वाले कर्नाटक के भाजपा कार्यकर्ता एस. विग्नेश शिशिर से मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय ने पूछताछ की। यह पूछताछ विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (एफईएमए) के तहत हुई। शिशिर ने ईडी दफ्तर में प्रवेश करने से पहले बताया कि उन्हें एफईएमए की धारा 37 के तहत तलब किया गया है। उन्होंने कहा, 'मेरे पास ठोस सबूत, जानकारी, दस्तावेज, रिकॉर्ड और वीडियो हैं, जिन्हें मैं एजेंसी को सौंपूंगा।'
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ईडी ने पूछे कई सवाल, भाजपा कार्यकर्ता अपने दावे पर अड़े
एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक, शिशिर से कई सवाल पूछे गए और उनका बयान दर्ज किया गया। उनसे कुछ दस्तावेज और सबूत भी मांगे गए। एफईएमए के तहत ईडी विदेशी मुद्रा कानून से जुड़े उल्लंघनों की जांच करती है।
बता दें कि शिशिर ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की थी, जिसमें दावा किया गया था कि उनके पास ब्रिटिश सरकार के दस्तावेज और ईमेल हैं जो साबित करते हैं कि राहुल गांधी ब्रिटिश नागरिक हैं। उनका कहना है कि अगर ऐसा है तो राहुल गांधी भारत में चुनाव लड़ने के पात्र नहीं हैं।
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9 अक्तूबर को होगी मामले की अगली सुनवाई
हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने 30 अगस्त को शिशिर की सुरक्षा के लिए केंद्र सरकार को 24 घंटे सुरक्षा देने का आदेश दिया था। अदालत ने कहा कि शिशिर एक प्रभावशाली व्यक्ति के खिलाफ मामले को आगे बढ़ा रहे हैं और उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं। शिशिर का यह भी दावा है कि उनकी शिकायत पर सीबीआई पहले से जांच कर रही है और वह कई बार दिल्ली में एजेंसी के सामने पेश होकर सबूत दे चुके हैं।
इस मामले की अगली सुनवाई 9 अक्तूबर को होगी। केंद्रीय सरकार ने अदालत को बताया था कि राहुल गांधी की कथित ब्रिटिश नागरिकता के मामले में ब्रिटेन सरकार से जानकारी मांगी गई है। कांग्रेस पार्टी ने इस मामले पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।