प्रवर्तन निदेशालय(ईडी) ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के बहनोई और प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा से गुरुवार को करीब 9 घंटे पूछताछ की। विदेश में कथित तौर पर अवैध संपत्ति रखने के संबंध में मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक मामले में गुरुवार को उनसे दूसरी बार पूछताछ की गई।
यह मामला लंदन में 12 ब्रायनस्टन स्क्वायर पर 19 लाख पाउंड (ब्रिटिश पाउंड) की संपत्ति की खरीद में कथित रूप से धनशोधन के आरोप से संबंधित है। यह संपत्ति कथित तौर पर रॉबर्ट वाड्रा की है।
इस जांच एजेंसी ने अदालत से यह भी कहा था कि उसे लंदन की कई नयी संपत्तियों के बारे में सूचना मिली है जो वाड्रा की है। उनमें 50 और 40 लाख ब्रिटिश पाउंड के दो घर तथा छह अन्य फ्लैट एवं अन्य संपत्तियां हैं।
एजेंसी ने आरोप लगाया था कि लंदन की संपत्ति भंडारी ने 19 लाख पाउंड में खरीदी थी और उसके सौंदर्यीकरण पर करीब 65,900 पाउंड का खर्च आने के बावजूद उसे 2010 में उसी कीमत पर बेच दिया।
वाड्रा की पत्नी प्रियंका गांधी बुधवार को जामनगर हाउस स्थित एजेंसी के दफ्तर के बाहर तक उनके साथ गई थीं। इस कदम को लोकसभा चुनावों से पहले कांग्रेस विरोधियों के लिये राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।
वाड्रा को ईडी कार्यालय छोड़ने के शीघ्र बाद प्रियंका ने अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के महासचिव और पूर्वी उत्तर प्रदेश के प्रभारी का पदभार संभाला। लंदन से बुधवार को लौटे वाड्रा के समर्थन में प्रियंका गांधी ने कहा था कि वह मेरे पति हैं, वह मेरा परिवार हैं और मैं अपने परिवार का समर्थन करती हूं।
यह पहली बार है कि वाड्रा कथित संदिग्ध वित्तीय लेनदेन के संबंध में किसी भी जांच एजेंसी के समक्ष पेश हुए हैं। दिल्ली की एक अदालत ने दो फरवरी को वाड्रा को ईडी से सहयोग करने को कहा था। वाड्रा ने इस धनशोधन मामले में अग्रिम जमानत के लिये अदालत का दरवाजा खटखटाया था।
वाड्रा ने अवैध विदेशी संपत्ति से जुड़े आरोपों से इनकार किया है और आरोप लगाया कि राजनीतिक हित साधने के लिये उन्हें परेशान किया जा रहा है।वाड्रा की वकील सुमन ज्योति खेतान ने बुधवार रात को बताया था कि वाड्रा ने सारे सवालों के जवाब दिए।
खेतान ने ईडी कार्यालय के बाहर इंतजार कर रहे मीडियाकर्मियों से कहा था कि उनके खिलाफ लगे सारे आरोप झूठे हैं। हम जांच एजेंसी के साथ शत प्रतिशत सहयोग करेंगे। जब भी उन्हें बुलाया जाएगा वह आएंगे।
ईडी ने पिछले साल दिसंबर में इस मामले में छापा भी मारा था और वाड्रा से जुड़ी कंपनी स्काईलाईट हॉस्पिटैलिटी एलएलपी के कर्मचारी मनोज अरोड़ा से पूछताछ की थी।
जांच एजेंसी ने अदालत से कहा था कि उसने अरोड़ा के खिलाफ पीएमएलए का मामला दर्ज किया था क्योंकि भंडारी के खिलाफ 2015 के कालाधन कानून के तहत आयकर विभाग द्वारा एक अन्य मामले की जांच के दौरान उसकी भूमिका के बारे में जानकारी मिली थी ।
वाड्रा से पूछताछ को लेकर भाजपा ने बुधवार को कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि संप्रग सरकार के दौरान हुए पेट्रोलियम और रक्षा सौदों में उन्हें घूस मिली।