जेट एयरवेज के संस्थापक नरेशन गोयल(फाइल फोटो)
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जेट एयरवेज के संस्थापक नरेश गोयल और उनकी पत्नी के खिलाफ धोखाधड़ी के एक मामले में मुंबई पुलिस द्वारा क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करने का प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने विरोध किया है। कोर्ट में इस मामले में दखल देने की मांग वाली दी गई अर्जी में ईडी ने कहा है कि पुलिस ने मामले के गंभीर तथ्यों पर विचार ही नहीं किया।
गोयल और उनकी पत्नी अनीता पर इस साल फरवरी में अकबर ट्रेवल्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की ओर से एमआरए मार्ग थाने में धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश का केस दर्ज कराया गया था। इसमें कहा गया था कि गोयल ने 46 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की है।
वहीं, मुंबई पुलिस ने कोर्ट में दाखिल अपनी क्लोजर रिपोर्ट में कहा है कि मामले में आगे जांच का कोई मतलब नहीं है, क्योंकि कोई साक्ष्य नहीं मिला है। इस बीच, अकबर ट्रैवल्स ने भी पुलिस की इस क्लोजर रिपोर्ट को कोर्ट में चुनौती देने का फैसला किया है। कंपनी के वकील धर्मेश जोशी ने शनिवार को कहा, हम अपनी याचिका छह जुलाई को देंगे।
कंपनी के थाने में दी गई शिकायत के मुताबिक, जेट एयरवेज ने 2018-19 में अकबर ट्रैवल्स के साथ 900 करोड़ का कारोबार किया था। इसमें आरोप लगाया है कि एयरलाइन और उसके प्रमोटर ने ट्रैवल कंपनी को 46,05,68036 रुपये का भुगतान नहीं किया।
जानबूझकर गोयल ने किया झूठा वादा
शिकायत में आरोप लगाया है कि नरेश गोयल वित्तीय संकट से जूझ रही जेट एयरवेज की माली हालत के बारे में जानते थे और यह भी जानते थे कि उनकी कंपनी पैसे लौटाने की स्थिति में नहीं है, इसके बावजूद उन्होंने झूठा वादा किया। वह ट्रैवल कंपनी को अपनी एयरलांइस की ओर से टिकटों की बुकिंग करने के लिए प्रेरित करते रहे। ईडी गोयल और उनकी जेट एयरवेज के खिलाफ मनी लॉन्डिंग के एक मामले की जांच कर रहा है।