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Sanjay Raut Tweets: 'झूठी कार्रवाई-झूठे सबूत, मर भी जाऊं तो समर्पण नहीं करूंगा'

Sun, 31 Jul 2022 10:36 AM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

संजय राउत ने लिखा, मेरा किसी घोटाले से कोई लेना-देना नहीं है। यह मैं शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे की शपथ लेकर कह रहा हूं। बालासाहेब ने हमें लड़ना सिखाया है। 
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संजय राउत - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पात्रा चॉल घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय का सामना कर रहे संजय राउत की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। आज सुबह-सुबह ईडी के अधिकारी संजय राउत के घर पहुंच गए। उनसे घर पर ही पूछताछ जारी है। इस बीच संजय राउत ने ट्वीट किया है। 

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उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा है, मेरा किसी घोटाले से कोई लेना-देना नहीं है। यह मैं शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे की शपथ लेकर कह रहा हूं। बालासाहेब ने हमें लड़ना सिखाया है। मैं शिवसेना के लिए लड़ना जारी रखूंगा। उन्होंने ईडी की कार्रवाई को झूठी कार्रवाई बताया। कहा झूठे सबूत हैं। मैं शिवसेना नहीं छोड़ूंगा, मैं मर भी जाऊं तो समर्पण नहीं करूंगा।


जांच में सहयोग न करने का आरोप 

दरअसल, महाराष्ट्र के 1000 करोड़ से ज्यादा के पात्रा चॉल जमीन घोटाला मामले में ईडी की टीम संजय राउत से पूछताछ कर रही है। एक जुलाई को संजय राउत ईडी के सामने पेश हुए थे। ईडी ने 20 जुलाई व 27 जुलाई को उन्हें दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया था। हालांकि, राउत ईडी के दफ्तर नहीं पहुंचे। ऐसे में उन पर जांच में सहयोग न करने का आरोप है। माना जा रहा है कि ईडी की टीम राउत को हिरासत में लेकर पूछताछ कर सकती है।

 

क्या है पात्रा चॉल घोटाला 

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यह मामला मुंबई के गोरेगांव इलाके में पात्रा चॉल से जुड़ा है। यह महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवेलपमेंट अथॉरिटी का भूखंड है। इसमें करीब 1034 करोड़ का घोटाला होने का आरोप है। इस केस में संजय राउत की नौ करोड़ रुपये और राउत की पत्नी वर्षा की दो करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त हो चुकी है। आरोप है कि रीयल एस्टेट कारोबारी प्रवीण राउत ने पात्रा चॉल में रह रहे लोगों से धोखा किया। एक कंस्ट्रक्शन कंपनी को इस भूखंड पर 3000 फ्लैट बनाने का काम मिला था। इनमें से 672 फ्लैट पहले से यहां रहने वालों को देने थे। शेष एमएचएडीए और उक्त कंपनी  को दिए जाने थे, लेकिन वर्ष 2011 में इस विशाल भूखंड के कुछ हिस्सों को दूसरे बिल्डरों को बेच दिया गया था। 

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