ED: भूटान से कैसे भारत के इन प्रदेशों में पहुंची 16 गाड़ियां, सीमा शुल्क नहीं दिया, यूं पकड़ा 'इमरान खान और बाशा' का खेल
भूटान से 16 गाड़ियां, भारत के कई प्रदेशों में पहुंच जाती हैं। ये सभी वाहन बॉर्डर के रास्ते ही आए हैं। हैरानी की बात ये है कि ये वाहन, बिना सीमा शुल्क जमा कराए ही भारत में पहुंचे हैं। 'इमरान खान और बाशा' ने जाली अनापत्ति प्रमाणपत्रों का उपयोग करके भूटान से पुराने वाहन खरीदे थे। इनका भुगतान भी अनधिकृत माध्यमों से किया गया। वाहनों को खोलकर केरल, तमिलनाडु, महाराष्ट्र और अन्य राज्यों में स्पेयर पार्ट्स के रूप में बेचा गया। ये सब इसलिए किया गया, क्योंकि सभी गाड़ियां अवैध तरीके से भारत में लाई गई थी।
इस मामले का खुलासा करने के लिए ईडी ने एक खास ऑपरेशन शुरु किया। एक ऐसे नेटवर्क का पता लगाया गया, जो सीमा शुल्क से बचने और अनौपचारिक चैनलों के माध्यम से विदेशी मुद्रा स्थानांतरित करने के लिए सीमा के सीक्रेट स्थान का इस्तेमाल करता था। इसके अलावा वह डिजिटल प्लेटफार्मों का फायदा भी उठाता था। ईडी ने हवाला लेनदेन, विदेशी मुद्रा उल्लंघन और भारत की वित्तीय प्रणाली को कमजोर करने वाले सीमा पार तस्करी नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), कोच्चि क्षेत्रीय कार्यालय ने 8 अक्तूबर को विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा), 1999 के तहत केरल और तमिलनाडु में 17 परिसरों में छापेमारी की है। यह छापेमारी उच्च-स्तरीय विदेशी वाहनों के अवैध आयात और संबंधित अनधिकृत विदेशी मुद्रा लेनदेन से जुड़े एक मामले के संबंध में की गई। प्रारंभिक जानकारी में मेसर्स शाइन मोटर्स के साझेदारों, साथिक बाशा और इमरान खान के नेतृत्व वाले कोयंबटूर स्थित एक नेटवर्क की पहचान की गई है। दोनों आरोपियों ने कथित तौर पर जाली अनापत्ति प्रमाणपत्रों का उपयोग करके भूटान से पुराने वाहन खरीदे और इसके लिए अनधिकृत माध्यमों से भुगतान किया गया।
एर्नाकुलम, त्रिशूर, कोझीकोड, मलप्पुरम, कोट्टायम और कोयंबटूर में 17 स्थानों - आवासों, कार्यशालाओं और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और चेन्नई में एक पते पर एक साथ तलाशी ली गई। तलाशी कार्रवाई के दौरान, आपत्तिजनक दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, वाहन के कागजात और भुगतान रिकॉर्ड जब्त किए गए हैं। तलाशी के दौरान, सथिक बाशा और इमरान खान ने फेमा की धारा 37 के तहत बयान दिए, जिसमें उन्होंने स्वीकार किया कि 2023-24 के बीच उन्होंने भूटान से एक भूटानी मध्यस्थ, श्री शा किनले, एक पूर्व-सेना कर्मी के माध्यम से लगभग 16 वाहन खरीदे।
इन वाहनों को जयगांव में भारत-भूटान सीमा तक ले जाया गया। कार-वाहकों पर लोड किया गया। सीमा शुल्क अदा किए बिना ही वाहनों को कोलकाता, भुवनेश्वर और चेन्नई के रास्ते कोयंबटूर ले जाया गया। कोई आयात शुल्क नहीं दिया गया। वाहनों को खोलकर केरल, तमिलनाडु, महाराष्ट्र और अन्य राज्यों में स्पेयर पार्ट्स के रूप में बेचा गया, उनकी किसी भी फर्म के पास आयात-निर्यात कोड नहीं था या वैधानिक चालान नहीं थे।
केरल भर में गैरेज और कार्यशालाओं की तलाशी में विघटित वाहन भागों और भूटान स्थित आपूर्तिकर्ताओं के साथ संचार के डिजिटल साक्ष्य की उपस्थिति की पुष्टि हुई। जब्त की गई सामग्री में जाली एनओसी, व्हाट्सएप चैट, बैंक विवरण और खरीदार सूचियां शामिल हैं। जांच में अनधिकृत विदेशी मुद्रा लेनदेन और विदेशी संपत्तियों के अधिग्रहण से संबंधित फेमा, 1999 की धारा 3, 4 और 8 के प्रथम दृष्टया उल्लंघन का पता चला है। जब्त किए गए रिकॉर्ड का फोरेंसिक रूप से विश्लेषण किया जा रहा है ताकि धन के निशान का पता लगाया जा सके। विदेशी खातों की संलिप्तता की पुष्टि की जा सके। ईडी सत्यापन और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए सीमा शुल्क, राज्य आरटीओ और अन्य एजेंसियों के साथ समन्वय कर रहा है।